गाजीपुर। मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी ने 2021 का अखिल भारतीय अटल बिहारी वाजपेई पुरस्कार अथर्वा मैं वही वन हूं के रचनाकार डॉ आनंद सिंह को प्रदान किया जायेगा। यह पुरस्कार पिछले 4 वर्षों से देश में हिंदी कविता के लिए दिया जाता है। इस बार यह पुरस्कार अथर्वा को दिया गया है। अथर्वा समकालीन हिंदी कविता में एक चर्चित काव्य की तरह सामने आया जिसका पाठकों एवं आलोचकों ने हृदय से स्वागत किया। हिंदी भवन भोपाल की पत्रिका अक्षरा ने मई का अपना विशेषांक अथर्वा पर ही केंद्रित किया जिसकी स्वीकृति साहित्य जगत में बहुत अधिक हुई। यह महाकाव्य इस मायने में चुनौतीपूर्ण रहा किसने मनुष्यता के लाखों वर्षों के इतिहास के साथ ज्ञात इतिहास के 5000 से लेकर 10000 वर्षों तक के इतिहास को भी समेटने का प्रयत्न किया है। आलोचकों का यह भी मानना है कि जयशंकर प्रसाद की कामायनी के 70 वर्षों बाद अथर्वा एक विमर्शात्मक आख्यान की भारतीय परंपरा के अंतर्द्वन्द्व को प्रकट करता है।
