गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पास्को कोर्ट गाजीपुर राकेश कुमार की अदालत ने कोतवाली थाना क्षेत्र के दुराचार के मामले में अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹16000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के विशेश्वरगंज निवासी एक महिला ने तहरीर दिया कि पिछले 6 माह से उसकी लड़की उम्र 15 वर्ष उम्र 15 वर्ष को आशीष उर्फ बबलू यादव काफी परेशान करता था उसकी पुत्री जब अकेले रहती थी तो उसके घर में आता जाता था वाह उसकी पुत्री को लेकर भाग गया । 19 अक्टूबर 2013 को उसकी पुत्री गायब हो गई डब्लू के के घर पता किया तो मालूम हुआ कि हुआ शाम 7:00 बजे से गायब है रातभर गो खोजबीन की गई सुबह करीब 8:00 बजे आशीष उर्फ डब्ल्यू का मोबाइल नंबर मिला जिस पर उसने अपने लड़के के मोबाइल फोन से फोन लगवाई उसने बताया कि उसकी पुत्री उसके साथ है उसकी पुत्री रोककर खुद को छुड़ाने की बात कह रही थी आशीष ने मोबाइल छीन लिया काफी प्रयास के बाद वह नहीं मिली आवेदन पत्र के आधार पर थाना कोतवाली में 363 366 का मुकदमा दर्ज हुआ तीन महीने बाद पीड़िता मिली। विवेचना के उपरांत 376 और पास को अधिनियम के अंतर्गत एवं एस सी/एसटी एक्ट का आरोप बढ़ाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रभु नारायण सिंह ने 10 गवाहों को पेश किया गवाहों ने घटना का समर्थन किया अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की वह सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाईहै।
