गाजीपुर। सैदपुर क्षेत्र के सिधौना गांव में प्रख्यात हिंदी साहित्यकार, शिक्षाविद व सामाजिक चिंतक स्व. डा. राजबिहारी मिश्र की चतुर्थ पुण्यतिथि मनायी गई। उपस्थित साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। डा. राजबिहारी मिश्र ने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के माध्यम से साहित्य जगत में अलग पहचान बनाई। छात्र जीवन में बी. एच.यू से राजनीति का ककहरा अपने सहपाठियों पूर्व कैबिनेट मंत्री मा. ओमप्रकाश सिंह, कैबिनेट मंत्री मा. महेंद्रनाथ पांडेय,उपराज्यपाल मा. मनोज सिन्हा, पूर्व सांसद मा. भरत सिंह आदि के साथ ही सीखा परंतु हिंदी साहित्य में रुचि जागृत होने के कारण डा. मिश्र ने उसे ही अपने जीवन का पाथेय बना लिया। डा. मिश्र के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ नेता कैलाशपति पांडेय ने कहा कि अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले डा. राजबिहारी मिश्र का जीवन त्याग,शुचिता,स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणा देता है। प्रो. विजयशंकर मिश्र ने कहा कि डा. राजबिहारी मिश्र की साहित्यिक रचनाओं में सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार का चित्रण मिलता है और उनके साहित्य ने समाज के उन्नयन का मार्ग भी प्रशस्त किया। डा. रामजी सिंह बागी ने कहा कि सिद्धहस्त कलमकार और सामाजिक चिंतक डा. राजबिहारी मिश्र के विचार आज भी प्रासंगिक व अनुकरणीय हैं। अनिमेष मिश्र ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया । इस दौरान स्टेट बैंक के पूर्व मंडल महाप्रबंधक श्रीनारायन मिश्र,सरकार मिश्र,एड.राजेश मिश्र,अखिलेश मिश्र,करुणाशंकर मिश्र,बजरंगी मिश्र,विनोद सिंह,राहुल यादव शिवम,अभिषेक,अमित,रोहित आदि मौजूद रहे ।
