गाजीपुर। विद्युत वितरण मंडल गाजीपुर के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता और सुविधा लेकर आई है। उन्होंने स्मार्ट मीटर की तुलना स्मार्टफोन से करते हुए कहा कि जैसे कीपैड मोबाइल की जगह स्मार्टफोन ने ली, वैसे ही अब मैनुअल मीटर की जगह स्मार्ट मीटर ले रहे हैं। डोर-टू-डोर बिलिंग खत्म, अब मोबाइल पर ही आएगा बिल। विवेक खन्ना ने बताया कि अब उपभोक्ताओं को घर-घर बिल नहीं मिलेगा। हर महीने की 1 तारीख को सीधे मोबाइल पर बिलिंग मैसेज, बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, समय पर बिल मिलने से बकाया कम होगा, अब खुद देखें रोज का खर्च, उपभोक्ता “स्मार्ट मीटर ऐप” या “ऊर्जावान ऐप” डाउनलोड कर रोजाना बिजली खपत देख सकते हैं, जिससे खर्च पर सीधा नियंत्रण संभव है। लाभ भी, लेकिन नियम सख्त, स्मार्ट मीटर से बिल जमा करने पर 2% टैरिफ छूट, बकायेदारों के लिए राहत—करेंट बिल जमा करने पर 20–25% राशि पुराने बकाया में स्वतः समायोजित, प्रीपेड उपभोक्ताओं की सप्लाई मीटर से तुरंत नहीं कट रही, अधीक्षण अभियंता ने संकेत दिया कि अफवाहों से बचें, स्मार्ट मीटर अपनाएं। अंत में विवेक खन्ना ने उपभोक्ताओं से अपील किया कि वे स्मार्ट मीटर लगवाएं, समय से बिल जमा करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
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