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गाजीपुर: होम्योपैथी के छात्रों ने राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के 95वें वार्षिक सत्र में लहराया परचम

गाज़ीपुर। भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया – NASI) के 95वें वार्षिक सत्र एवं संगोष्ठी मे राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज गाज़ीपुर एवं अस्पताल के दो इंटर्न छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की वैज्ञानिक ताकत को साबित कर दिया। इस प्रतिष्ठित मंच पर पारंपरिक चिकित्सा के छात्रों का शानदार योगदान देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।आईआईटी गुवाहाटी द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का विषय था “हेल्दी ब्रेन, माइंड एंड कोग्निशन : फ्रॉम कंप्यूटर्स टू क्लिनिक्स”। यह संगोष्ठी न्यूरोसाइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लिनिकल थेरेप्यूटिक्स के बीच के अंतर को पाटने पर केंद्रित थी। देश के शीर्ष वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं की मौजूदगी में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉ. सुधीर कुमार ने **स्पर्मेटोरिया (पुरुष रोग)* पर तथा डॉ. राजतिलक शाक्य ने *गठिया रोग* पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। दोनों छात्रों की प्रस्तुति ने उपस्थित विशेषज्ञों का दिल जीत लिया। उनकी गहन रिसर्च, स्पष्ट तर्क और होम्योपैथी की वैज्ञानिक व्याख्या ने सभी को प्रभावित किया। यह प्रदर्शन न केवल कॉलेज बल्कि पूरे होम्योपैथी समुदाय के लिए गौरव की बात है।यह शोध कार्य कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेंद्र राजपूत तथा डॉ. नागेंद्र सिसोदिया के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। छात्रों की इस उपलब्धि पर कॉलेज के सभी शिक्षक, चिकित्सक और कर्मचारी उत्साहित हैं। उन्होंने दोनों छात्रों को हार्दिक बधाई दी और भविष्य में और बड़ी सफलताओं की कामना की।डॉ. राजतिलक शाक्य मूल रूप से मुहम्मदाबाद विकास खंड के नगवा उर्फ नवापुरा गांव के निवासी हैं तथा प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं पत्रकार संजय सिंह कुशवाहा के छोटे भाई हैं। उनकी यह सफलता स्थानीय क्षेत्र के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने! NASI का यह वार्षिक सत्र हर साल विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में नवीन शोध को मंच प्रदान करता है। इस बार होम्योपैथी के युवा शोधकर्ताओं का इस मंच पर चमकना पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति की आधुनिक विज्ञान के साथ संगति को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयास होम्योपैथी को मुख्यधारा की चिकित्सा में और मजबूत स्थान दिलाएंगे। यह उपलब्धि न केवल राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज गाज़ीपुर बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। दोनों छात्रों ने साबित कर दिया कि समर्पण और मार्गदर्शन से कोई भी ऊंचाई छूी जा सकती है।

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