गाजीपुर। मुख्तार अंसारी और उनके तीन सहयोगियों पर 23 साल पुराने मनोज राय हत्याकांड में शनिवार को आरोप तय हुआ। गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय अरविंद मिश्र की अदालत में साक्ष्य (गवाही) के लिए 30 जनवरी की तिथि नियत की गई है। 15 जुलाई 2001 को उसरी चट्टी हत्या कांड हुआ था। उसी दिन मनोज राय की भी हत्या हुई थी, उस समय मनोज राय को भी मुख्तार अंसारी ने हमलावरों में शामिल बताते हुए मुकदमा दर्ज कराई थी, लेकिन मनोज राय के पिता ने अपने पुत्र की हत्या बताते हुए जुलाई 2023 में मुख्तार अंसारी और उसके साथियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराई। पुलिस की चार्जशीट में मृतक मनोज राय के पिता ने मुख्तार अंसारी के साथ सरफराज मुन्नी, अफरोज उर्फ चुन्नू, जफर उर्फ चंदा के साथ दस लोगों को नामजद किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि दो अभियुक्त पहले से ही सरकारी अभिलेखों में भगोड़े घोषित किए जा चुके हैं। ऐसे में मनोज राय हत्याकांड में चार आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद पत्रावली सत्र में आने को भेजी गई थी। मुख्तार अंसारी और सरफराज उर्फ मुन्नी की एक पत्रावली थी, जबकि दूसरी पत्रावली जफर उर्फ चंदा और अफरोज उर्फ चुन्नू की थी। दोनों पत्रावलियों को समेकित करने का आदेश न्यायालय ने पारित किया। मुख्तार समेत चारों आरोपियों के विरुद्ध धारा 147 148 302/149 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आरोप तय किया गया। शनिवार को मुख्तार अंसारी मुख्तार अंसारी और सरफराज उर्फ मुन्नी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई, जिसके बाद आरोप तय हुआ। साथ ही साक्ष्य (गवाही) के लिए 30 जनवरी की तिथि नियत की।
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