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जिले के प्रथम राजबंदी पं. विश्‍वनाथ शर्मा के पुण्‍यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि, बोले पियूष राय- युवाओं के प्रेरणाश्रोत हैं शर्मा जी

गाजीपुर। जनपद के प्रथम राजबन्दी ग्राम रेवतीपुर के मूल निवासी स्व० पं० विश्वनाथ शर्मा की 65वीं पुण्यतिथि “कान्हा हवेली महुआबाग, गाजीपुर” में आयोजित हुयी। इस आयोजन के प्रेरणाश्रोत स्व० विश्वनाथ शर्मा के सुपुत्र स्व० विश्व विमोहन शर्मा थे, जो जनपद गाजीपुर के गांधीयुग के स्वतंत्रता आंदोलन के ख्यातिलब्ध इतिहास ज्ञाता रहे है। यह प्रथम आयोजन था, जिसमें उनका भौतिक योगदान नहीं रहा, परन्तु प्रेरक उपस्थिति हर क्षण मौजूद रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मारकण्डेय सिंह पूर्व प्रबन्धक, भारतीय स्टेट बैंक, गाजीपुर द्वारा की गयी। मुख्य अतिथि कृष्ण बिहारी राय, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी उ०प्र० एवं विशिष्ट अतिथि पारसनाथ राय, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी, जनपद गाजीपुर एवं पीयूष राय रहें। कार्यक्रम का संचालन डा० व्यासमुनि राय ने किया। अध्यक्ष जी का भोला यादव द्वारा माल्यापर्ण कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि का कार्यक्रम संयोजन संजय शर्मा जी द्वारा माल्यापर्ण कर स्वागत किया गया तथा विशिष्ट अतिथि का स्वागत संदीप शर्मा द्वारा माल्यापर्ण कर किया गया। कामेश्वर नाथ द्विवेदी-पूर्व प्रधानाचार्य, नागा बाबा इण्टर कालेज आरी सीतापट्टी, गाजीपुर द्वारा काव्य पाठ के माध्यम से श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। श्रीकान्त पाण्डेय शर्मा जी के बलिदान और त्याग के कारण आज लोक स्वतंत्र हवा में स्वांस ले रहे है। शर्मा जी के प्रयास से गाजीपुर के स्वतंत्रता आन्दोलन को गति देने के लिए सरोजनी नायडू समेत अनेक नेता गाजीपुर आये और स्वतंत्रता आन्दोलन का प्रतिनिधित्व किया। अंग्रेजो द्वारा चलाये गये सभी दमनकारी कानूनों का पुरजोर विरोध किया, शर्मा जी के नेतृत्व में गाजीपुर जनपद स्तर पर महिलाओं ने काफी संख्या में प्रतिभाग किया तथा जेल गयी। स्वतंत्रता आंदोलन को चलाये रखने के लिए शर्मा जी ने सैकड़ो एकड जमीन बिक की गयी। शर्मा जी मिलने वाले पदों को नकारते गये तथा समाज को जोड़ने के लिए हर वर्ग के लोगो को पद दिलाने का कार्य किये। जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के विकास के लिए सरकार से धन आवंटित कराना तथा अतिपिछड़े क्षेत्रों में सरकारी शिक्षण संस्थान खोलने के सिफारिश सरकार से करा कर खोलवाले का कार्य किया गया। सुनील सिंह-पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा गाजीपुर आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता आंदोलन में शर्मा जी के माता जी, पत्नी और स्वयं के साथ उनकी पुत्री समेन तीन पीढ़ी एक साथ राजबन्दी बनाये गये। दिनेश चन्द्र शर्मा एवं राधेमोहन राय ने शर्मा जी को नमन करते हुए शेर एवं कविता पाठ किया गया। ऋचा शर्मा-प्रवक्ता, हिन्दू इ०का० जमानियां, गाजीपुर ने कहा कि वृद्धा आश्रम खुलने के समय में 65वीं पुण्यतिथि मनायी जा रही है, जो कि उनकी पारिवारिक विरासत को दर्शाया जाता है। गोपाल गौरव द्वारा शेरों के माध्यम स्व० शर्मा जी को श्रद्धांजली दी गयी। आदित्य प्रकाश-प्रबन्धक, डी०ए०वी० इण्टर कालेज गाजीपुर द्वारा शर्मा जी के त्याग और बलिदान के बारें में प्रकाश डाला गया। संतोष तिवारी प्रवक्ता, डी०ए०वी० इण्टर कालेज गाजीपुर द्वारा स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जनपद गाजीपुर के विकास हेतु शर्मा जी के प्रयासों की सराहना की गयी। हुए श्रद्धांजली अर्पित की गयी। शिवकुमार सिंह-पूर्व अध्यक्ष, उ०प्र० माध्यमिक शिक्षक संघ, गाजीपुर द्वारा माल्यापर्ण करते हुए श्रद्धांजली अर्पित की गयी। पीयूष राय-विधानसभा मुहम्मदाबाद ने शर्मा जी को श्रद्धांजली देते हुए कहा कि राजनीति में युवाओं के प्रेरणाश्रोत शर्मा जी ही है। युवा उनके पद चिन्ह पर चलकर समाज की सेवा के साथ सही न्याय कर सकते है। रामपूजन सिंह-वरिष्ठ अधिवक्ता गया। शर्मा जी की नीति समाज सेवा आर्थिक दृष्टिकोण से नहीं होनी चाहिए पर प्रकाश डाला। पारसनाथ राय-पूर्व लोकसभा प्रत्याशी भाजपा, गाजीपुर शर्मा जी समाज के नींव की ईंट बने। संविधान सभा में शर्मा जी का नाम आया, जो उन्होंने गाजीपुर के अधिवक्ता कृष्णानन्द राय जी को भेट कर अपने पद का त्याग किया तथा समाज के नींव की ईंट बने। आज के युवा राजनीतिज्ञों की शर्मा जी के पद चिन्हों पर चलना चाहिए, ताकि समाज उनको भी शर्मा जी की तरह दशकों तक याद रखें। कृष्णबिहारी राय-प्रदेश कार्यकारिणी उपाध्यक्ष, भाजपा उ०प्र० विश्वनाथ शर्मा जी के चरणों में शीष झुकाकर नमन किया उनकी जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा हेतु कलकत्ता भेजे जाने पर शिक्षा के साथ देश की ज्वलन्त समस्या पराधीनता को दूर भगाने के लिए स्वाधीनता आंदोलन से प्रेरणा लेकर गृह जनपद गाजीपुर लौटे तथा संगठन का विस्तार कर गाजीपुर में क्रान्तकारियों की फौज खड़ी कर दी तथा आजादी की लड़ाई में प्रमुख योगदान दिय। आजाद के बाद गाजीपुर के समस्याओं को विधानसभा में उठाकर गाजीपुर के विकास में प्रमुख योगदान दिया। अन्त में मारकण्डेय सिंह जी द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन कर वीर रस की कविता के माध्यम से शर्मा जी को श्रद्धांजली प्रदान की गयी। कार्यक्रम में भोला यादव, वीर बहादुर सिंह, नीरज राय,  अविनाथ सिंह, आकाश सिंह, संजय राय, शिवकुमार सिंह, प्रधानाचार्य, कृष्ण इण्टर कालेज डेढ़गांवा, गाजीपुर, छविनाथ मिश्र-प्रधानाचार्य, उदयराज प्रधानाचार्य, बृजेश पाठक प्रधानाचार्य, हरिशंकर-प्रधानाचार्य एवं धनन्जय मिश्र आदि लोग उपस्थित रहे।

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