गाजीपुर। सैदपुर ब्लाक के बभनौली स्थित बिछुड़ननाथ धाम में तीन दिवसीय महा रुद्राभिषेक समारोह में आये देशभर के साधु संतों ने यूपी सरकार के धर्मार्थ कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें निरंकुश शासकीय अधिकारियों पर लगाम लगाने की सलाह दी है। अग्निपीठाधीश्वर ब्रम्हर्षि महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्णानन्द जी महाराज ने बताया कि योगीजी अपने आश्रम में गोपालन करते है पर अपने राज्य में गो हत्या बंद नही करते है। उनके बेलगाम अधिकारी माघी मौनी अमावस्या के पावन स्नान पर प्रयागराज में त्रिवेणी पर बटुक ब्राह्मणों की चुटिया पकड़ कर घसीटते है। सरकार की मौन स्वीकृति से प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अपमानित करते है। उन्हें पुण्य स्नान से भी वंचित रखा जाता है। साधु संतों और महात्माओं को सताने वाले चाहे कितने भी ताकतवर हो उनका सर्वनाश निश्चित है। रावण भी बहुत बड़ा शासक व शिवभक्त पंडित था उसके द्वारा साधु संतों पर किये अत्याचार ने उसे समाप्त कर दिया। सरकार सिद्ध सन्तों का अपमान कर फर्जी बाबाओं को महिमामंडित कर रही है। संत महात्मा किसी राजनीतिक पार्टी के नही बल्कि अपनी परंपराओं के पालक होते है। रामभद्राचार्य सरकार की चापलूसी करने के लिए अनर्गल बयानबाजी करते है। खुद को तुलसी पीठाधीश्वर मानते है और उन्ही की रचनाओं को गलत बताते है। रामचरितमानस और हनुमान चालीसा में खोट निकालते है। खुद को स्वयंभू बनाये ऐसे महामंडलेश्वरों से सरकार को सावधान रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी अच्छे कार्यों को उनके ही लोग मनमानी कर बदनामी में बदल दे रहे है। मोदी के मजबूती की परीक्षा गौमाता, गंगा और गीता, गायत्री को सुरक्षित, संरक्षित एवं राष्ट्र धरोहर घोषित करने में है। मध्यप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त आचार्य सोमेश परसाई ने कहा कि सनातन को बचाने के लिए हम दो हमारे दो से बाहर आकर एक संतान को धर्मकार्य में अवश्य लगाएं। प्रदेश में गायों की दुर्दशा से गोपालक व किसान दोनों परेशान है। दूध सबको चाहिए पर गाय किसी को नही चाहिए। गाय छोड़ कुत्ता पालने की प्रवृत्ति मानव समाज को कुसंस्कारी एवं हिंसक बना रहा है।
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