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सांसद नीरज शेखर ने दिलशादपुर गांव में ट्रांसफार्मर बदलने के लिए विद्युत विभाग को लिखा पत्र, कहा- विभाग की लापरवाही से जनता परेशान

गाजीपुर। एक ओर जहां भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से लोग बेहाल हैं, वहीं बिजली विभाग की लापरवाही ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा रही है। उपकेंद्र बाराचवर के अंतर्गत ग्राम दिलशादपुर में वर्षों से लगा 10 केवीए का ट्रांसफार्मर अब क्षेत्र की बढ़ती आबादी और विद्युत भार के सामने नाकाफी साबित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 30 घरों की विद्युत आपूर्ति इसी ट्रांसफार्मर से होती है, जिसके कारण यह लगातार ओवरलोड रहता है और आए दिन इसका फ्यूज उड़ जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लगे पुराने और जर्जर विद्युत तार भी अब तक नहीं बदले गए हैं। गर्मी के दिनों में तार गलकर टूट जाते हैं, जिससे घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। आरोप है कि फ्यूज बदलने अथवा टूटे तारों की मरम्मत कराने के लिए स्थानीय संविदा कर्मियों को बार-बार अवैध रूप से पैसे देने पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ता है या तार टूटता है, तब गांव के लोग चंदा इकट्ठा कर लाइनमैनों को भुगतान करते हैं, जिसके बाद ही आपूर्ति बहाल की जाती है। गांववासियों ने बताया कि दिलशादपुर में रविंद्र सिंह के दरवाजे के समीप वर्षों पूर्व 10 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया था। उस समय उपभोक्ताओं की संख्या कम थी, लेकिन अब 30 से अधिक वैध विद्युत उपभोक्ता इस ट्रांसफार्मर से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद ट्रांसफार्मर की क्षमता में कोई वृद्धि नहीं की गई है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर से मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया था। सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 15 जुलाई 2025 को प्रबंध निदेशक, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के नाम पत्र जारी कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त पत्र को बीते एक वर्ष के दौरान तीन बार अधीक्षण अभियंता को रिमाइंडर के रूप में भेजा गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों में विभागीय उदासीनता को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों को कागजी रिपोर्टों के माध्यम से वास्तविक स्थिति से अनभिज्ञ रख रहे हैं, जबकि धरातल पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाए, जर्जर तारों को बदला जाए तथा विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाकर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए। अब देखना यह होगा कि भीषण गर्मी में जनता की परेशानी को देखते हुए विभागीय अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करते हैं।

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