शिवकुमार
गाजीपुर। नोनहरा कांड में मृतक भाजपा कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय के भाई शशिकांत उपाध्याय को जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा नौकरी देने के निर्णय का राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में सराहना की जा रही है। राजनीतिक क्षेत्रों में यह चर्चा है कि सीएम योगी के आदेश और जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्णय से भाजपा को बड़ी राहत मिली है। क्योंकि नोनहरा कांड के बाद कुछ लोग इस घटना को अलग दिशा देने में लगे थे। कुछ सामाजिक संस्थाएं इसको जाति का मोहरा बनाकर भारतीय जनता पार्टी और पुलिस को टारगेट कर रही थी। विरोधियों का मंसूबा तुरंत मुख्यमंत्री भाप गये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल नोनहरा थाने के 11 पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही करने व इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय एसआईटी जांच करने का आदेश दिया। इसके बाद शोक संतत्प परिजनों से मुख्यमंत्री आवास पर मिले। जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल ने जिला पंचायत गाजीपुर में मृतक भाजपा कार्यकर्ता सीताराम उपाध्याय के भाई शशिकांत उपाध्याय को नौकरी देने की घोषणा की जिससे भाजपा और प्रशासन दोनों राहत की सांस ली। क्योंकि शोकाकुल परिवार का हमेशा रोजी-रोटी के लिए इशारा हो रहा था। पंकज सिंह चंचल ने कहा कि भाजपा के हर कार्यकर्ता के सुख-दुख में जिला पंचायत गाजीपुर की टीम खड़ी है। भाजपा हमारे लिए ईश्वर के समान है और इसके कार्यकर्ता हमारे भाई हैं। उन्होने कहा कि कार्यकर्ताओं की समास्याओं पर अगर बड़े पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि गंभारता से ध्यान देंगे तो ऐसी घटनाएं नही घटेंगी। पुलिस द्वारा जिला पंचायत सदस्य झब्बर सिंह की पिटाई की घटना गंभीरता से लिया गया होता तो सीताराम उपाध्याय की मौत नही होती। भाजपा के वरिष्ठ नेता रामतेज पांडेय के धरने पर भी ध्यान दिया गया होता तो नोनहरा थाने में धरना नही होता। जब कार्यकर्ता असहाय महसूस करता है तभी दूसरे रास्ते अपनाता है। पार्टी के वरिष्ठजन कार्यकर्ताओं का ख्याल रखें।
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