गाजीपुर। रिश्तों को जोड़ने और सामाजिक समरसता बनाए रखने की एक अद्भुत मिसाल गाजीपुर के नारी पचदेवरा गांव में देखने को मिली। मुकदमेबाजी और अलगाव की राह पर बढ़ चुके एक पारिवारिक विवाद को लोकप्रिय जननेता और पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ‘नेता जी’ ने अपनी सूझबूझ से सुलझा दिया। सैदपुर के हिरामनपुर की रहने वाली निधि गुप्ता का विवाह 2023 में ब्राह्मणपुरा (मरदह) के डॉ. श्याम सुंदर गुप्ता से हुआ था। महज 6 महीने बाद ही आपसी विवाद के कारण दोनों अलग रहने लगे थे। रिश्तेदारों के प्रयासों के बावजूद मामला नहीं सुलझा और कोर्ट-कचहरी की नौबत आ गई। स्थानीय नागरिक चंद्रदीप पाल के आग्रह पर अरुण कुमार सिंह ‘नेता जी’ ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। मुंबई में कार्यरत दोनों परिवारों को नारी पचदेवरा स्थित मां दुर्गा आश्रम में आमने-सामने बैठाया गया। लगभग 4 घंटे की सकारात्मक बातचीत के बाद अरुण कुमार सिंह ‘नेता जी’ ने विवाद का स्थाई समाधान निकाल लिया। लड़के पक्ष की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए अरुण कुमार सिंह ‘नेता जी’ ने खुद लड़की के गार्जियन/पिता का दायित्व संभाला। उन्होंने निधि गुप्ता और उसके 2 साल के बच्चे को सम्मानपूर्वक ससुराल के लिए विदा किया। इस सफल मध्यस्थता में उदय प्रताप सिंह मास्टर और स्थानीय ग्रामीणों का भी विशेष सहयोग रहा।
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