गाजीपुर। सिद्धपीठ हथियाराम मठ के 25वें ब्रह्मलीन महंत महामंडलेश्वर पवहारी स्वामी बालकृष्ण यति महाराज का निर्वाण दिवस सोमवार को मठ परिसर में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मठ पहुंचे। मठ के 26वें पीठाधिपति एवं जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी श्री भवानी नन्दन यति महाराज ने मुख्य यजमान (कानपुर के प्रांत प्रचारक) श्रीराम सिंह के साथ मिलकर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत शिवोपार्चन किया। इसके बाद ब्रह्मलीन महंत की समाधि पर विशेष पूजन-अर्चन किया गया और सनातन परंपरा के अनुसार गौ दान का अनुष्ठान भी संपन्न हुआ।श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पीठाधीश्वर स्वामी भवानी नन्दन यति महाराज ने कहा कि गुरु का जीवन और उनके उपदेश ही शिष्यों के लिए सच्ची पूंजी हैं। उन्होंने सभी अनुयायियों से अपने गुरु महाराज द्वारा दिखाए गए सत्य, अध्यात्म और लोक-कल्याण के मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया।मठ के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि 25वें महंत स्वामी बालकृष्ण यति महाराज का जन्म हिमालय की कूर्माचल भूमि (अल्मोड़ा के जोशी गाँव) में हुआ था। संपूर्णानंद संस्कृत महाविद्यालय, वाराणसी से ‘वेदान्ताचार्य’ की उपाधि प्राप्त करने वाले स्वामी जी ने ब्रह्मचर्य अवस्था में ही संन्यास ले लिया था। उन्होंने नर्मदा तट और हिमालय की कंदराओं में अठ्ठाईस वर्षों तक केवल फलाहार ग्रहण कर कठिन साधना, हठयोग और तपस्या की। अध्यात्म जगत के इस महान संत ने सनातन धर्म के संदेश को वैश्विक पटल पर फैलाया और कई बार विदेश यात्राएं भी कीं।दत्तात्रेय, शुकदेव और आदि शंकराचार्य से प्रारंभ होने वाली इस पीठ की संत परंपरा अत्यंत प्राचीन है, जिसके प्रमाण भारतीय इतिहास और प्राचीन हस्तलिपियों में मिलते हैं। श्रीसिंह श्याम यति से शुरू हुई इस पीठ की संत परंपरा ने धर्म प्रचार के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व कार्य किए हैं। आज भी मठ द्वारा संचालित अनेक शिक्षण संस्थाएं समाज के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।धार्मिक कार्यक्रमों की कड़ी के अंत में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें गाजीपुर, वाराणसी और आसपास के जिलों से आए हजारों नर-नारियों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर देवरहा बाबा बिरनो, वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण सिंह, प्राचार्य डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी, डॉ. अमिता दूबे, रिंकू सिंह, अंजू सिंह, शिखा सिंह, शिवानंद सिंह झुन्ना, चंद्रशेखर सिंह, लौटू प्रजापति, सर्वजीत सिंह, रणजीत सिंह, अरविंद कुमार सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं सैकड़ों श्रद्धालु नर नारी उपस्थित रहे।
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