गाजीपुर। सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत शनिवार को विकास भवन सभागार, गाजीपुर में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सरोजेश सिंह की अध्यक्षता में इफको नैनो उर्वरक आधारित सहकारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इससे पूर्व “सहकारिता से समृद्धि” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारीने हरी झंडी दिखाकर मोटर साइकिल रैली को रवाना किया जो विकास भवन से पीरनगर, कचहरी, महुआबाग,लंका चुंगी प्रकाशनगर के रास्ते चलकर विकास भवन सभागार मे गोष्ठी मे परिवर्तित हो गई। सम्मेलन में जनपद की समस्त सहकारी समितियों के सचिवों, अध्यक्षों एवं प्रगतिशील किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी की उपयोगिता, विशेषताएं तथा वैज्ञानिक प्रयोग विधि की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों से रासायनिक यूरिया के प्रयोग को कम कर नैनो यूरिया को अपनाने का आह्वान किया। और सहकारिता के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मिट्टी और जनता के स्वास्थ्य के लिए किसानों को सोचना होगा।जैविक व नैनो उर्वरकों से मिट्टी की उर्वरा क्षमता को जहा बढ़ावा मिलेगा वहीं कृषि उपज भी स्वास्थ्य के लिए सुरझित होगी। वहीं जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सरोजेश सिंह ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग खेतों मे कम से कम हो जैविक और नैनो यूरिया व नैनो डीएपी जैसे उत्पाद को लोग अपनाए इसका निष्ठा से प्रयास हो।और प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक एकड़ की नैनो यूरिया व नैनो डीएपी आधारित खेती का प्रदर्शन हो जिससे लोगों को प्रेरणा प्रदान हो। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां गांव-गांव तक छोटे किसानों से जुड़ी हुई हैं, इसलिए नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी को प्रत्येक किसान तक पहुंचाने में समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विपिन कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदर्शन प्लॉट स्थापित कर किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के व्यापक प्रचार-प्रसार का आग्रह किया। इफको वाराणसी के रीजनल मैनेजर अक्षय कुमार पांडेय ने पारंपरिक रासायनिक यूरिया के दुष्प्रभावों तथा नैनो यूरिया के लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 500 मिलीलीटर नैनो यूरिया की एक बोतल मात्र 225 रुपये में किसानों को उपलब्ध है, जबकि पारंपरिक यूरिया पर सरकार को भारी सब्सिडी वहन करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से सरकारी सब्सिडी का बोझ कम होगा तथा मिट्टी, जल एवं वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही इसके भंडारण एवं परिवहन में भी अतिरिक्त खर्च नहीं होता। उन्होंने जानकारी दी कि शीघ्र ही जनपद में नैनो डीएपी भी उपलब्ध होगी, जिसकी अनुमानित कीमत 600 रुपये प्रति बोतल होगी। इसकी प्रयोग विधि बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में 5 मिलीलीटर प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज शोधन अथवा 3 से 5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ शोधन किया जाए। इसके बाद बुवाई के लगभग 35 दिन पश्चात 2 से 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के घोल का खड़ी फसल पर छिड़काव किया जाए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अच्छेलाल गुप्ता, प्रवीण सिंह,अशोक पांडेय, नथुनी सिंह, शशिकांत शर्मा,सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विपिन कुमार, जिला सहकारी बैंक गाजीपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील वर्मा तथा इफको वाराणसी के रीजनल मैनेजर अक्षय कुमार पांडेय,सहकारी समितियों के सचिव, अध्यक्ष एवं प्रगतिशील किसानों सहित लगभग 180 प्रतिभागियों ने सहभागिता लिया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन इफको गाजीपुर के क्षेत्र अधिकारी सचिन तिवारी ने किया।
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