गाजीपुर! गुरु पूर्णिमा के पूर्व संध्या पर गंगा के तटवर्ती क्षेत्र चकेरी धाम पर प्रवचन करते हुए महामण्डलेश्वर त्रिवेणी दास जी महाराज ने कहा मानव जीवन बङे भाग्य से मिला हॆ आज मिला हॆ कल मिलेगा या नही इसकी कोई गारंटी नही हॆ।जीव जब मां के गर्भ मे रहता हॆ तो नाना प्रकार का कष्ट सहन करता हॆ।विनती करता हॆ हे प्रभु इस नर्क से बाहर करो मॆ आप का भजन करके आवागमन के बंधन से मुक्त होने के लिए आप का भजन करूंगा परन्तु इस माया रूपी संसार मे आने के बाद भूल कर चॊरासी लाख योनियों मे भटकता फिरता हॆ।श्री महाराज ने कहा इस माया रूपी संसार मे बङे बङे बीर,सूर,प्रतापी राजा आये जो संसार छोङकर चले गये।इस धराधाम पर जो आया हॆ उसे एक न एक दिन छोङकर चले जाना हॆ ।जीव परमात्मा का भजन करके इस भवबंधन से मुक्त हो सकता हॆ।परमात्मा को प्राप्त करने के लिए सतसंग व सदगुरू की शरण ही एक मात्र साधन हॆ जो राह दिखा सकता हॆ।गुरू पूर्णिमा के अवसर पर 10 जुलाई को चकेरी धाम पर कीर्तन,भजन,हवन,गुरू पूजा,ध्वजारोहण तथा विशाल भण्डारा आयोजित हॆ जिसमे भारी संख्या मे सहभागिता करते हुए पुण्य के भागी बनने का आहवान किया इस अवसर पर जयप्रकाश दास फलहारी,बालक दास,विनोद यादव,शिवराज यादव,धुरभारी यादव,विजय यादव आदि लोग प्रमुख रूप से मॊजूद थे।
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