गाजीपुर: जल बिरादरी उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में गाजीपुर के एक निजी मैरिज हॉल में जलवायु परिवर्तन एवं नदी संरक्षण जन चेतना अभियान का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से जल के संरक्षण पर चर्चा की गई वक्ताओं ने कहा कि और आज असंतुलित विकास हमारी नदियों और हरियाली को दिनों दिन लीलता जा रहा है जिसके कारण धरती और आकाश धड़क उठे हैं इससे बचने के लिए जल का संरक्षण नितांत आवश्यक है जिस अनुपात में जलवायु परिवर्तन हो रहा है निश्चित तौर पर वह एक चिंता का विषय है यदि जल को हम संरक्षित नहीं करते हैं तो आगे आने वाली पीढ़ी के लिए जल मिलना संभव नहीं होगा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जल पुरुष भाई राजेंद्र सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन नदी हरियाली एवं जीव जंतुओं के लिए अभिशाप है इस भयानक स्थिति से बचने के लिए एक मात्र उपाय जलवायु परिवर्तन का अनुकूल उन्मूलन में निहित है अतः इसे जन आंदोलन के रूप में लेते हुए पानी को संरक्षित करना एक-एक नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए जल संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि हमे संगठित होकर भू जल संरक्षण के लिए सत्याग्रह करने की आवश्यकता है जल स्वास्थ्य संरक्षण चेतना का विकास करके भारत को बाढ़ सुखाड़ से मुक्ति के लिए आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। गांधी संस्थान दिल्ली के रमेश भाई ने कहा कि नदियों का संरक्षण नितांत आवश्यक है पानी से ही जीव जंतु का उठना संरक्षण करना पूरे संसार के ली आवश्यक जल संरक्षण पर रिसर्च कर रहे डॉ लल्लन प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि जलवायु हरियाली के साथ न्याय तभी हो सकेगा जब प्रत्येक नागरिक अपने जिम्मेदारी और हकदारी स्वयं सुनिश्चित करेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अर्जुन पांडेय समीम अब्बासी नर्वदेश्वर राय रमेश भाई लल्लन प्रसाद कुशवाहा बंशीधर कुशवाहा मदन कुशवाहा फरीद आलम ईश्वर चंद जनक कुशवाहा अच्छे लाल मौर्य प्रशांत सिंह उमेश चंद श्रीवास्तव सागर कुशवाहा अखिलेश अखिलेश्वर कुशवाहा राजकुमार गुप्ता जी प्रभुनाथ पांडे वंश बहादुर कुशवाहा आयुब अंसारी सहित तमाम लोगों ने अपनी बात को राखी इस कार्यक्रम के अध्यक्षता श्रीकांत पांडे ने किया तथा आभार शिवा शिवा स्नेह संस्था के उमेश कुमार श्रीवास्तव ने किया।
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