गाजीपुर। सत्यदेव डिग्री कॉलेज गाजीपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्तदिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत छठें दिन पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शिविर परिसर में प्रतिभागी छात्राओं एवं महाविद्यालय की सभी कक्षाओं की अन्य छात्राओं के मध्य एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और साथ ही साथ भारत के महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्राओं की स्थिति विषयक 37 प्रमुख बिंदुओं का एक सर्वेक्षण आयोजित किया गया, जिसमें सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आज के शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रोहित कुमार सिंह जी ने की और अपने वक्तव्यों के माध्यम से छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें महिला शक्तिकरण का परिचय और इसकी आवश्यकता के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। यह कार्यक्रम पूरी तरह से महिलाओं की समानता, सशक्तिकरण और अधिकारों को समर्पित रहा। महिला के सशक्तिकरण, उनके संघर्ष और उपलब्धियों पर रोशनी डाली गयी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि स्टूडेंट फॉर सेवा काशी प्रांत की सहसंयोजिका वनिता ने कहा कि चाहे घर हो, कार्यस्थल हो या समाज हित का क्षेत्र सभी में महिलाएं अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं। वनिता ने कहा कि यह दिवस नारी शक्ति का जश्न मनाने का अवसर होता है। इतिहास गवाह है कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। चाहे वह रानी लक्ष्मीबाई का साहस हो, कल्पना चावला की उड़ान हो या मैरी कॉम की मेहनत। महिला सशक्तिकरण का अर्थ सिर्फ शिक्षा और नौकरी तक सीमित नहीं रह गयी है। महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने, आत्मनिर्भर बनने और समान अवसर प्राप्त करने का अधिकार देने से जुड़ा है। एक शिक्षित और सशक्त महिला न केवल अपना जीवन संवारती है, बल्कि पूरे समाज को समृद्ध बनाती हैं। हम सभी को उन्हें समझना होगा कि सशक्त महिला ही एक सशक्त समाज की नींव रखती हैं। इसलिए, महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का दायित्व हम सभी का हैं। लैंगिक समानता की दिशा में प्रयास करना होगा और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना होगा। शिविर का नेतृत्व कार्यक्रम अधिकारी अमित वर्मा जी ने किया जिसमें श्री शैलेश आनंद जी ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
