गाजीपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सैदपुर में निपुण भारत मिशन के तहत एफएलएन (आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान) तथा एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों पर आधारित ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का पांच दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हो गया। समापन अवसर पर उप शिक्षा निदेशक शैलेश कुमार पटेल ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की सफलता तभी मानी जाएगी, जब यहां अर्जित ज्ञान और नवाचारी शिक्षण विधियों का प्रभावी क्रियान्वयन विद्यालयों तक पहुंचे। सभी संदर्भदाता प्रशिक्षण को गुणवत्ता के साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं तक पहुंचाएं, जिससे निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके।वरिष्ठ प्रवक्ता दुर्गा प्रसाद सिंह ने कहा कि आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान निपुण भारत मिशन की आधारशिला है। नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों का प्रभावी उपयोग और बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धति बच्चों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।प्रशिक्षण नोडल डॉ. मंज़र कमाल ने कहा कि संदर्भदाताओं की जिम्मेदारी केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय स्तर पर शिक्षकों को सतत शैक्षणिक सहयोग और मार्गदर्शन देना भी उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण एवं सीखने के प्रतिफलों को सुनिश्चित करने पर बल दिया। प्रशिक्षण नोडल आलोक तिवारी ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा, विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतिभागियों के सहयोग की सराहना करते हुए सभी के प्रति आभार जताया।प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यवहारिक बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंज़र कमाल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन आलोक तिवारी ने किया। इस अवसर पर डायट प्रवक्ता डॉ. सर्वेश राय, अभय चंद्रा, हरिओम यादव, एसआरजी प्रीति सिंह सहित बड़ी संख्या में एआरपी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।
Ghazipur Khabar जोड़े आपको ग़ाज़ीपुर से..