गाजीपुर! राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में बाढ़ के प्रति संवेदनशील व अतिसंवेदनशील जनपद में बाढ़ आपदा से बचाव सुरक्षा हेतु राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाईज संचालित किया है। उत्तर प्रदेश राज्य के 41 जनपदों मे बाढ़ आपदा पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज़ किया गया। इसी क्रम में आज जनपद गाजीपुर के पांच बाढ़ प्रभावित तहसील सदर, सैदपुर, जमानिया ,मुहम्दाबाद, सेवराई, के समस्त बाढ़ प्रभावित तहसीलों में तहसीलो के उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता मे बाढ़ पूर्व तैयारी के तहत मॉकड्रिल कार्यक्रम का आयोजन पूर्वान्ह 09 बजे से आरंभ कर किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के तहसील सदर के तहत पोस्ता घाट पर गंगा नदी के किनारे अत्यधिक वर्षा/अतिविष्टि/बाढ़ के पानी के दबाव से मकान क्षतिग्रस्त हुआ, क्षतिग्रस्त मकान में से 10-15 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। जनपद में किसी भी मौत के बाद दाह संस्कार करने के बाद गंगा नदी में स्नान का प्रथा है, इसके तहत 1000 से अधिक लोग प्रत्येक दिन नदी में स्नान करते हैं, स्नान के दौरान लापरवाही के कारण 03 बच्चे क्रमशः एक दूसरे को बचाने में डूबने लगते हैं। रबर बोट का प्रयोग करते हुए सभी बच्चों को बचा लिया जाता है। नदी के पानी एवं क्षतिग्रस्त मकान से निकाले गए सभी व्यक्तियों को बाढ़ शरणालय में रखा गया, जहा अनुभवी चिकित्सको द्वारा चिकित्सकीय सुविधा दी गयी राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग एवं अन्य सम्बन्धित विभाग का वहां कैंप का प्रदर्शन किया गया तथा लोगो को बाढ एवं आपदा के दौरान स्वयं बचने व प्रभावित व्यक्तियों को बचाने के सम्बन्ध मे प्रशिक्षण दिया गया। इसी क्रम मे फुलवारी घाट ग्राम फुलवारी कलां तहसील सैदपुर बाढ़ के पानी कम होने के उपरान्त डायरिया फूड प्वाइजनिंग के प्रकोप से बचाव हेतु अस्पताल को चिन्हित करते हुए पीड़ित/मरीज का उपचार किया गया। ऐसे क्षेत्र जहां स्थिति अत्यधिक गम्भीर है वहां एम्बुलेंस का प्रयोग करते हुए आम जनमानस को अस्तपाल में भर्ती कराया गया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरिन गोली, ओ0आर0एस0 पैकेट का वितरण, ब्लीचिंग पाउडर का छिडकाव किया गया साथ ही वाट्सएप ग्रुप, लाउडस्पीकर से डायरिया के दौरान क्या करें, क्या न करे का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जानकारी प्रदान दी गयी। प्राथमिक विद्यालय सोनवल तहसील जमानियां बाढ़ के पानी से सोनवल रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे-24 प्रायः डूब जाने के कारण जनमानस को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उक्त समस्या की सामाधान की व्यवस्था को प्रदर्शित करते हुए रेलवे, एन0एच0आई0, पुलिस के सामुहिक प्रयास से रोड डायवर्जन करते हुए वैकल्पिक रास्ते का परीक्षण किया गया तथा सायरन एवं लाउडस्पीकर का प्रयोग करते हुए जनमानस को अपेक्षित सहयोग हेतु प्रेरित किया गया। गौसपुर के कोयला घाट तहसील मुहम्मदाबाद नाव दुर्घटना से लोगों को बचाकर नदी से बाहर निकाला गया, 02-04 ऐसे व्यक्ति जिनको एम्बुलेंस के माध्यम से तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। गंगा के जलस्तर से कटान प्रभावित क्षेत्रों में अचानक से कटान होने की सूचना प्राप्त हुइ कि गांव में पानी जा रहा है, गांव खाली कराया गया और बाढ़ शरणालय में गांव के लोगों को ठहराया गया जहां शरणालय में समस्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रही, राहत पैकेट 48 घण्टे के अन्दर एवं तीरपाल का वितरण किया गया। यहां राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग एवं सिंचाई विभाग के कैंप का प्रदर्शन किया गया। नेहरू विद्यपीठ इण्टर कालेज रेवतीपुर तहसील सेवराई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहें जनमानस व पशुओं को निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाना एवं बाढ़ शरणालय में निवास कराया। बाढ़ शरणालय पर ही बच्चों की शिक्षा एवं खेल हेतु व्यवस्था किया गया, जिससे बच्चों का बाढ़ के दौरान भी सर्वागीण विकास हो सके। बाढ़ शरणालय जहां खाना बन रहा था, अचानक गैस सिलेण्डर में आग लग गयी, जिसको अग्निशम विभाग एवं आम जनमानस द्वारा आग बुझाये जाने का प्रदर्शन किया गया। दोपहर 1.00 से 1.30 बजे तक बाढ प्रभावित व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण के उपरान्त उनको राहत शिविरों में पहुचाया गया एवं उनके मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गयी, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चो, बुजुगों के लिए विशेष अभियान चलाकर खाने-पीने एवं अन्य दवाओं को उपलब्ध कराया गया तथा सुरक्षात्मक दृष्टि से खोज एवं बचाव का कार्य आपदा विशेषज्ञ, एनडीआरएफ के टीम लीडर एवं सदस्य मीडियाकर्मी तथा स्थानीय जनमानस द्वारा किया गया। उक्त राहत केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग, पशु पालन विभाग, आपूर्ति विभाग एवं अन्य सम्बन्धित विभागो द्वारा कैम्प लगाए गए थे, जिनमें रेस्क्यू किये गए व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण कराए गए। इसी प्रकार पशुओं की जांच पशु पालन विभाग द्वारा की गई। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर रवीश कुमार, असि0 कमांडंेन्ट एन डी आर एफ राम भुवन यादव, तहसीलदार सदर राजीव यादव, नायब तहसीलदार विजयकान्त पाण्डेय, एवं अन्य जनपदस्तरीय अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण, आपदा मित्र, एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अशोक राय आपदा विशेषज्ञ ने किया।
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