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बोआई से पूर्व खेतों की गहरी जोताई करे किसान- जिला कृषि अधिकारी

गाजीपुर। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया है कि कृषक भाई बोआई से पूर्व खेतों की गहरी जोताई करे। इससे न केवल मिट्टी की संरचना में सुधार होता है, बल्कि उसकी जल धारण क्षमता भी बढ़ जाती है एवं कृषकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खेतों की मिट्टी की जांच अवश्य करायें। कृषक भाई खेतों की लगातार सतही जोताई करने से जमीन के नीचे एक सख्त परत बन जाती है। यह परत पानी को नीचे जाने से रोकती है और पौधों की जड़ें भी गहराई तक नहीं फैल पातीं। गहरी जोताई वाले खेतों में पानी रोकने की क्षमता सामान्य से 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। हरी जोताई के कारण मिट्टी में वायु का संचार बढ़ा है, जिससे हानिकारक कीट और खरपतवार की जड़े तेज धूप में नष्ट हो गई हैं। इससे आगामी धान और मक्का की फसलों में कीटनाशकों का खर्च भी आधा होने की उम्मीद है। जो किसान पानी की कमी और गिरते भूजल स्तर से परेशान थे, उनके लिए यह विधि वरदार साबित हो रही है। विभाग अब आगामी सीजन में बड़े पैमाने पर किसानों को गहरी जोताई के लिए जागरूक करने का अभियान चला रहा है। खरीफ फसलों की बोआई से पहले भूमि शोधन करना बेहद आवश्यक है। कृषक भाई गहरी जोताई (डीप प्लाइंग ) के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे है। इससे न केवल फसलों की सिंचाई लागत कम हुई, बल्कि इस भीषण गर्मी में भी खेतों की नमी लंबे समय तक बरकरार है। कृषक भाई फसल अवशेष कंपोस्ट खाद बनाने में सहायक हैं, जो मृदा की भौतिक, रसायनिक एवं जैविक क्रियाओं में लाभदायक हैं। पादप अवशेष का मल्व के रूप में प्रयोग करने सजल धारण क्षमता बढ़ती है, खरपतवारों की ग्रोथ रूकती है और मृदा में वायु संचार बढ़ता हैं।

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