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गाजीपुर: 1912 पर शिकायत के बावजूद नहीं बदला जा रहा 25 केवी का ट्रांसफार्मर, रौजा जेई पर लापरवाही का आरोप

गाजीपुर। भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर प्रदेश सरकार एवं ऊर्जा मंत्री 1912 टोल फ्री नंबर पर दर्ज शिकायतों के त्वरित निस्तारण का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नगर के उपकेंद्र रौजा पर तैनात जेई की कार्यशैली से सरकार के दावे फेल साबित होते नजर आ रहे हैं।मामला मां दिलेश्वरी नेत्र चिकित्सालय परिसर से जुड़ा है, जहां 11 हजार लाइन से संचालित 25 केवी का ट्रांसफार्मर पिछले लगभग छह महीनों से खराब स्थिति में है। आरोप है कि ट्रांसफार्मर की बॉडी से लगातार तेल का रिसाव हो रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इसकी शिकायत करीब तीन माह पूर्व रौजा उपकेंद्र के जेई सहेंद्र कुमार से की गई थी।बताया जा रहा है कि जेई द्वारा ट्रांसफार्मर पर एम-सील लगाकर करीब 20 लीटर तेल डलवाया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसके बाद उपभोक्ता ने 1912 टोल फ्री नंबर पर ट्रांसफार्मर बदलने की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि शिकायत को बिना समाधान के ही निरस्त कर दिया गया।उपभोक्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ट्रांसफार्मर बदलने के लिए कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अनुरोध किया गया, लेकिन जेई द्वारा यह कहकर मामला टाल दिया जाता है कि ट्रांसफार्मर बदलने पर “मिसलेनियस” मद में विभागीय पेनाल्टी भरनी पड़ेगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय नियमों के अनुसार खराब ट्रांसफार्मरों का समय रहते मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन होना चाहिए, लेकिन रौजा उपकेंद्र पर न तो ट्रांसफार्मर की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत हो रही है और न ही उसे बदलने की कार्रवाई की जा रही है।पीड़ित उपभोक्ता ने पुनः 1912 पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसका शिकायत संख्या PU 09052605693 बताया जा रहा है। आरोप है कि अब तक संबंधित जेई द्वारा पीआर नंबर भी उपलब्ध नहीं कराया गया है।अस्पताल संचालक ने बताया कि ट्रांसफार्मर की तकनीकी खराबी के कारण विद्युत आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है, जिससे अस्पताल में लगी लाखों रुपये की मशीनों के खराब होने का खतरा बना हुआ है। कई बार मशीनों में तकनीकी दिक्कतें भी आ चुकी हैं। बिजली बाधित होने पर जनरेटर के सहारे मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है, लेकिन वहां भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं उच्च विद्युत अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल खराब ट्रांसफार्मर बदलने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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