गाजीपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गाजीपुर द्वारा वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में परिसर-परिसर गुंजित वंदे मातरम अभियान के अंतर्गत सनबीम पब्लिक स्कूल महराजगंज में संगोष्ठी आयोजित किया गया। जिसमें सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राओं, एवं शिक्षकों ने भाग लिया। जिससे कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह राष्ट्रभक्ति और विचारशीलता से परिपूर्ण हो गया। अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद जी और मां सरस्वती जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किये।मुख्य वक्ताओं जय प्रकाश ने “वंदे मातरम” के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर अपने विचार विस्तार पूर्वक रखते हुए कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है, जिसने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के समय लाखों देशवासियों में उत्साह और साहस का संचार किया। उन्होंने बताया कि इस गीत ने देश के कोने-कोने में एकता का संदेश दिया और स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा प्रदान की। जय प्रकाश ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और समाज के सकारात्मक परिवर्तन में योगदान दें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बौद्धिक कार्यक्रम युवाओं को न केवल इतिहास से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए भी प्रेरित करते हैं।वही स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा कि आप जैसे विद्यार्थी इस समय जो शिक्षा ग्रहण करेंगे वही आपके जीवन के उद्देश्य बन जाएगा। इस लिए आपको अभी से आधुनिक शिक्षा के साथ साथ अपने सांस्कृतिक,राष्ट्रीय एवं संस्कार की शिक्षा का ध्यान देना पड़ेगा।आगे उन्होंने कहा कि परिसर-परिसर गुंजित वंदे मातरम” अभियान का उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को सुदृढ़ करना है। संगोष्ठी के समापन पर सभी उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया और एक स्वर में वंदे मातरम गीत का उद्घोष किया। इस अवसर ने न केवल युवाओं के मन में देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा भी दी। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रांत कार्यकारणी सदस्य ईशान पॉल ने किया। इस अवसर पर राहुल यादव,आदित्य साहनी,नेहा,आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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