गाजीपुर। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जननायक श्री चंद्र शेखर जी का जन्म सताब्दी महाविद्यालय मे उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर मनाई गई। महाविद्यालय निदेशक अमित रघुवंशी द्वारा पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम आरंभ किया गया।निदेशक जी ने चंद्रशेखर जी के बारे में कहा कि वो “सिद्धांतों के सौदागर नहीं, मूल्यों के पुरोधा थे, सत्ता से बड़े उसूलों को मानने वाले युवा तुर्क चंद्रशेखर जी थे।” भारत के 8वें प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी को उनकी जयंती पर नमन। उन्हें ‘युवा तुर्क’ इसलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने हमेशा सत्ता के खिलाफ बेबाकी से आवाज़ उठाई और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। 1975 की इमरजेंसी का विरोध, पैदल ‘भारत यात्रा’ और गरीब-किसान की राजनीति – ये उनकी पहचान थी।
उनके दो शब्द जो आज भी प्रासंगिक हैं:
“सत्ता का चरित्र नहीं होता, चरित्र व्यक्ति का होता है।”
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुनील सिंह द्वारा प्रधानमंत्री जी के कार्यो और उनकी उपलब्धि तथा देशहित उनकी कर्मठता व देश हित मे किए गए कार्यो पर चर्चा की। इस अवसर पर नवनीत वर्मा. डॉ अरविंद राय. डॉ मनीष पांडे, रविंद्र जी, शैलेंद्र जी तथा महा विद्यालय समस्त शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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