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केन्द्रीय बजट में गाजीपुर एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास का सुनहरा अवसर: प्रोफेसर राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

गाजीपुर। प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय प्राचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर ने ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केन्द्रीय बजट 2026–27 भारत को “विकसित भारत” की दिशा में ले जाने वाला एक संतुलित और दूरदर्शी बजट है। यह बजट राष्ट्रीय विकास के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर, बलिया क्षेत्र के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलता है। उन्होंने ने कहा कि इस बजट में पूंजीगत व्यय को ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। बुनियादी ढाँचे में यह निवेश सड़क, रेल, जलमार्ग और शहरी विकास के माध्यम से स्थानीय रोजगार, व्यापार और उद्योग को मजबूती देगा। साथ ही राजकोषीय घाटे को GDP के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने और ऋण-GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत अनुमानित करने से आर्थिक अनुशासन भी सुनिश्चित किया गया है। परिवहन क्षेत्र में बजट की एक ऐतिहासिक घोषणा 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों की है। इनमें दिल्ली–वाराणसी एवं वाराणसी – सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इसका प्रत्यक्ष लाभ गाजीपुर, वाराणसी , बलिया जैसे पड़ोसी जिलों को भी मिलेगा, जिससे छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए आवागमन सुगम होगा तथा समय और लागत की बचत होगी। इसी प्रकार, अंतर्देशीय जलमार्गों को बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है। अगले पाँच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत वाराणसी में अंतर्देशीय जलमार्गों हेतु शिप-रिपेयर और मेंटेनेंस इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। गंगा नदी के तट पर स्थित गाजीपुर जनपद को इससे सस्ते परिवहन, कृषि-उत्पादों की बेहतर ढुलाई और स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। प्रत्येक जनपद में महिलाओं के लिए हास्टल निर्माण से महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा तथा गम्भीर बिमारियों के दवाओं के दाम में कमी से आमलोगों को राहत मिलेगा। प्रोफेसर पाण्डेय कह कि बजट में उद्योग और रोजगार सृजन के लिए इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माण योजना (ECMS) का आउटले बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया गया है, जिससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही बायोफार्मा शक्ति योजना के लिए ₹10,000 करोड़ और एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान गाजीपुर जैसे जिलों में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को नई गति देगा। समग्र रूप से यह बजट स्पष्ट करता है कि वाराणसी, गाजीपुर एवं बलिया जैसा क्षेत्र विकसित भारत की यात्रा में केवल सहभागी ही नहीं, बल्कि विकास के सक्रिय केंद्र बनेंगे। यह बजट संतुलित, समावेशी और दीर्घकालिक विकास का सशक्त दस्तावेज है।

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