गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मिशन शक्ति’ योजना के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं अब बेटियां स्वयं आगे बढ़कर समाज को सशक्त करने की जिम्मेदारी उठा रही हैं। इसी क्रम में, जनपद की होनहार खिलाड़ी नगमा परवीन ने ‘देवा ताइक्वांडो अकादमी’ (खोवामण्डी) का भव्य शुभारंभ किया है। अकादमी की ट्रेनर नगमा परवीन एक प्रतिष्ठित खिलाड़ी हैं। उन्होंने न केवल जनपद और प्रदेश (लखनऊ, दिल्ली) में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, बल्कि नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी चमक बिखेरी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर मेडल (Silver Medal) जीतकर उन्होंने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। नगमा परवीन ने बताया कि इस अकादमी को खोलने के पीछे उनका उद्देश्य केवल खेल सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों और विशेषकर बच्चियों को आत्मनिर्भर (Self-reliant) बनाना है।अकादमी की मुख्य विशेषताएं: आत्मरक्षा का प्रशिक्षण: बेटियों को स्वयं की सुरक्षा के लिए तैयार करना। निशुल्क सुविधाएं: ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे जो आर्थिक तंगी के कारण इस क्षेत्र में पीछे रह जाते हैं, उन्हें अकादमी द्वारा निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। अनुभवी मार्गदर्शन: अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव स्थानीय बच्चों को प्राप्त होगा। अकादमी के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रुही परवीन उपस्थित रहीं। उन्होंने नगमा के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। यह पहल उन सभी बच्चों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है जो खेल जगत में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं लेकिन संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
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