गाजीपुर। विशेष सचिव, उ०प्र० शासन, के आदेश दिनांक 26-09-2025 में ईट भट्ठा सत्र 2025-26 के लिए उ०प्र० उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के नियम-21 (2) के अनुसार ईट भट्ठा मालिकों से पायों के आधार पर विनियमन शुल्क (Regulating Fees ) नियमानुसार लिये जाने का निर्णय लिया गया है। जिस क्रम में क्रम में जनपद गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने समस्त ईट भट्ठा स्वामी को निर्देशित कर बातया है कि आप द्वारा साईडhttp//@@upmines.upsdc.gov.in पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ रू0 2000.00 का आवेदन शुल्क, ईट भट्ठा स्वामी का विवरण, भट्ठा स्थल का Geo-cordinate सहित विवरण, भट्ठा का प्रकार (सामान्य/जिग-जैग), पायों की संख्या, ईट-मिट्टी के खनन क्षेत्र का विवरण, भट्टा-सत्र सहित वांछित विवरण फीड करना होगा। ईट भट्ठा स्वामी को आवेदन पत्र के साथ ईट-भट्ट्ठे के सम्बन्ध में रायल्टी/विनियमन शुल्क बकाया न होने का शपथ-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। फीड की गयी सूचना के अनुसार ईट भट्ठों के पायो की संख्या के आधार पर विनियमन शुल्क एवं पलोथन की धनराशि अग्रिम रूप से पोर्टल पर प्रदर्शित लिंक के माध्यम से ऑनलाईन भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के लेखाशीर्षक 0853-अलौह खनन तथा धातुकर्म उद्योग-107-लघु खनिज रियायत शुल्क में जमा की जायेगी। विनियमन शुल्क आनलाईन जमा करने पर ईंट भट्ठा स्वामी श्विनियमन शुल्क जमा का प्रमाण पत्र पोर्टल से जनित कर सकेंगे। ईट-भट्ट्ठा स्वामियों द्वारा विनियमन शुल्क (Regulating Fees ) अग्रिम रूप से जमा किये जाने के उपरान्त ही ईट भट्ठे का संचालन किया जायेगा। विनियमन शुल्क की धनराशि जमा किये बिना संचालित ईट भट्ठों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। ईट मिट्टी के लिये देय विनियमन शुल्क की धनराशि के 10 प्रतिशत के समतुल्य धनराशि, ईट बनाने के काम आने वाली पलोथन मिट्टी (बलुई मिट्टी) के लिये ईट भट्ठा स्वामियों द्वारा जमा किया जाना होगा। दिनांक 30-11-2025 तक जमा की गयी विनियमन शुल्क (Regulating Fees ) की धनराशि पर किसी प्रकार का ब्याज देय नहीं होगा, किन्तु उक्त तिथि के उपरान्त जमा की गयी धनराशि पर नियमानुसार ब्याज देय होगा।
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