गाजीपुर । समर्थ उ0प्र0-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 जन जागरूकता अभियान अन्तर्गत विभिन्न विभागों का प्रस्तुतिकरण एवं संवाद कार्यक्रम पी जी कालेज सभागार गोराबाजार मे दो सत्र मे पूर्वान्ह 10.30 बजे से दोपहर 01 बजे तक एवं द्वितीय सत्र अपरान्ह 02.30 बजे से सायं 05 बजे तक आयोजित हुआ। इस संवाद/गोष्टी कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथियांे/मा0 प्रबुद्धजनों- बृज किशोर सिंह सेवानिवृत्त आईएएस, अखिलेश पाण्डेय सेवानिवृत्त आईएफएस, आर.के. राय सेवानिवृत्त आई आर एस, पारसनाथ प्रोफेसर बीएचयू, राजेन्द्र चन्द्र वर्मा कृषि वैज्ञानिक ,जिलाधिकारी अविनाश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, डा0 राघेवन्द्र प्राचार्य पी0जी0 कालेज द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मा0 प्रबुद्धजनो का स्वागत जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र व मोमेंटो देकर किया गया। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश@ 2047 के सम्बन्ध मे एक लधु फिल्म का प्रदर्शन एल ई डी के माध्यम से दिखाया गया। प्रथम दिवस का यह कार्यक्रम दो सत्र मे आयोजित किया गया जिसमे प्रथम सत्र पूर्वान्ह 10.30 बजे से दोपरह 01 बजे तक आयोजित हुआ जिसमें छात्रो, अध्यापको, सवाविदों एवं राष्ट्रीय/राज्य पुरस्कार प्राप्त महानुभाव एवं अपने विधा मे ख्याति प्राप्त बुद्धिजीवी के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। द्वितीय सत्र अपरान्ह 02.30 बजे से सायं 05 बजे तक चला जिसमें कृषको, एफ0टी0ओ0 के सदस्यों व कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने इस संवाद कार्यक्रम मे उपस्थित सभी आगन्तुको का स्वागत करते हुए कहा कि भविष्य का उ0प्र0 2047 यह किस प्रकार से रूप ले, हमारा उ0प्र0 कैसे विकसित हो, जब राज्य विकसित होगा तो देश विकसित होगा, इसकी क्या रूप रेखा होनी चाहिए, आपके क्या सुझाव है, उसी के संवाद कार्यक्रम के लिए आप लोग यहां उपस्थित हुए है। उन्होने बताया कि यह कार्यक्रम दो दिवसीय कार्यक्रम है जो चार चरणो मे आयोजित होगे। इस कार्यक्रम मे 12 सेक्टर चिहिन्त किये गये है। जिसमे कृषि विकास, पशुधन, औद्योगिक विकास, आई टी एवं इलेक्ट्रोनिक्स, पर्यटन, नगर/ग्राम विकास, अवस्थापना विकास, संतुलित विकास, सामाजिक सुरक्षा एव गरीब कल्याण विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, शिक्षा एवं कौशल विकास, सुरक्षा एवं सुशासन पर ध्यान केन्द्रित करते हुए रोडमैप पर चर्चा की जायेगी तथा फिडबैक लिया जायेगा। यहां आप लोगो से भी सुझाव प्राप्त किया जायेगा तथा प्रबुद्धजन अपने एक्सपीरियंस को भी शेयर करेगे। उन्होने बताया कि आपको दी गयी बुकलेट के आखरी पेज पर जो क्यू आर कोड के माध्यम से अपने विचार एवं संकल्प को साझा कर सकते है। जिससे प्रदेश सरकार आपके साझा किये गये विचारो के माध्यम से आपका भविष्य के लिए प्रदेश सरकार नितियां बना सके और उसको हम लोग अनुपालन करने के लिए सतत् प्रयासरत रहे। उन्होने अपने विचार मे ऑटिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे मे विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि आप लोग भविष्य है, अपने भविष्य के लिए इंवेन्ट करे, स्किल को डवलेप करे, मोबाईल एप्प के माध्यम से जानकारी ले, संवाद करे, आज के समय मे किसी भी क्षेत्र मे जानकारी लेना आसान हो गया है। संवाद कार्यक्रम मे विभिन्न विभाग के अधिकारियो द्वारा शिक्षा, सुशासन एंव कृषि के क्षेत्र मे 2017 से पूर्व एवं 2017 से 2025 के मध्य विभागो मे क्या-क्या परिवर्तन हुए को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। अतिथि/प्रबुद्धजन बृज किशोर सिंह सेवानिवृत्त आईएएस, द्वारा विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश@ 2047 की रूपरेखा व उद्देश्यो पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को कैसे विकसित राज्य बनाया जाय, इस दिशा में छात्र/छात्राओं/अध्यापकों एवं शिक्षाविदों के सुझाव अपेक्षित हैं। सरकार द्वारा विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं आप सभी क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दर्ज करायें। उन्होंने कहा कि कुल-12 सेक्टर के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। एम एल सी प्रतिनिधि प्रदीप पाठक ने समर्थ उ0प्र0- विकसित उ0प्र0@ 2047 हेतु प्राप्त सुझावों को शासन स्तर तक पहुचाने की बात कही। इस दौरान विभिन्न कार्य क्षेत्रों में सुझाव प्राप्त हुए जिसमें 1- विकास कुमार गुप्ता, दीपक उपाध्याय एवं सुधांशु तिवारी पी0जी0 कालेज छात्र द्वारा जनपद गाजीपुर में विश्वविद्यालय की मांग की। 3-सहायक अध्यापिका डा0 इन्दु श्रीवास्तव ने कहा कि हर विद्यालय में विज्ञान के शिक्षक न होने के कारण साइंस मे बच्चे कमजोर हो रहें है तथा शिक्षकों की ड्यूटी बी एल ओ में लग जाने के कारण अध्यापक स्कूल में समय नही दे पा रहें है जिसके कारण बच्चों को पढ़ा नही पा रहें है तथा लिपकीय कार्य हेतु सभी विद्यालयों में एक लिपिक की नियुक्ति हो। 4-अध्यापिका गायत्री राय ने कहा कि सरकार छात्रों की संख्या के अनुसार अध्यापक नियुक्त करती है लेकिन मेरा सुझाव है कि प्रत्येक कक्षा के लिए एक अध्यापक नियुक्त किया जाय। जब उस कक्षा में छात्रों कि संख्या 30 या 35 से ज्यादा हो तो एक और अध्यापक हो। दूसरा सुझाव है कि सरकारी विद्यालय में पढ़ रहें बच्चो के अभिभावकों की भी जिम्मेदारी तय हो क्योकि अध्यापक बच्चों को पढ़ाने के साथ- साथ अभिभावकों की भी भूमिका में रहते है। तीसरा सुझाव- स्कूलों में योग्य शिक्षित शिक्षक है, उनकी उर्जा का अपव्यय यू-डायस पोर्टल मेंटेन, प्रेरणा पोर्टल पर नामांकन, एम0डी0एम0 का हिसाब रखने आदि कार्यो में ज्यादा व्यतीत हो रहा है । तो इन सब कार्यो के लिए एक लिपिक की नियुक्ति हो जिससे कि हमारा जो मूल कर्तव्य है, उसे सही से कर सकें।5-अध्यपिका प्रीति सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र प्रभावी तरीके से नही चल रहें है, उनकी मानिटरिंग सही तरीके से होनी चाहिए, आई सी डी एस विभाग द्वारा विशेष ध्यान देना चाहिए साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग में जो भी स्मार्ट क्लास हेतु जो भी चीजे आ रही है उनकी सुरक्षा भी होनी चाहिए क्योकि कई विद्यालयों में चोरी हो जाते है इसके लिए हर विद्यालय में एक चौकीदार नियुक्त होना चाहिए।6- किसान अनूप राय द्वारा रेवतीपुर में फल मण्डी एवं सब्जी मण्डी बनाने का सुझाव दिया गया जिससे किसानो को सुविधा एवं उनकी आय दोगुनी हो सके।7- शिवकुमार सिंह द्वारा विकास खण्ड करण्डा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की कार्ययोजना बनाने के लिए सुझाव दिया गया।मुख्य विकास अधिकारी द्वारा वहां उपस्थित छात्र/छात्राओं, अध्यापकों व शिक्षाविदों से अपील की गई कि आप सभी क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने-अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज करायें तथा वहां से अपने प्रमाण पत्र डाउनलोड करें। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिये सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, सी ओ सिटी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, प्राचार्य राजकीय पालिटेक्निक/प्राचार्य आई0टी0आई0 गाजीपुर, एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी प्रबुद्धजन, स्कूली छात्र/छात्रायें, शिक्षक, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें।
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