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ट्रंप के टैरिफ से भारत के आर्थिक जगत पर पड़ेगा प्रभाव, विकल्‍प के लिए तैयार रहे देश- सीएस गौरव गुप्‍ता व सीए काजल गुप्‍ता

गाजीपुर। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद अब अर्थशास्‍त्रियों में इससे भारत के आर्थिक जगत पर क्‍या प्रभाव पड़ेगा, क्‍या टैरिफ की चाल अमेरिका पर ही भारी पड़ेगी इस संदर्भ में CS Gaurav Gupta ने पूर्वांचल न्यूज डाट काम को बताया कि वे सभी वस्तुएं और सेक्टर जिनका भारत निर्यात करता है उन कंपनियों पर तगड़ा असर देखने को मिलेगा। मसलन, ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियां, टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री, मेटल और फार्मा कंपनीज पर ट्रंप के टैरिफ का असर देखने को मिल सकता है। भारत से आयात होने वाली वस्तुएं अमेरिका में महंगी दरों पर मिलेगी। इससे उनकी बिक्री कम होगी और कंपनियों को घाटा होगा।

सीफूड निर्यात होगा प्रभावित

CA Kajal Gupta ने कहा कि अमेरिका के इस टैरिफ से भारत का सीफूड, खासकर श्रिप निर्यात बुरी तरह प्रभावित होगा। अमेरिका ने इक्वाडोर पर कम टैरिफ लगाया है, उसे इसका फायदा मिलेगा। भारत के सीफूड निर्यात में लगभग 66% श्रिंप का हिस्सा है। वर्ष 2024-25 में भारत ने 4.88 अरब डॉलर के प्रिंप का निर्यात किया था। भारत का लगभग आधा श्रिप निर्यात अमेरिका को ही होता है। CA Kajal Gupta मुताबिक भारत के टेक्सटाइल निर्यात पर भी इस टैरिफ का असर पड़ेगा। इंग्लैंड के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से हमें जो लाभ मिला था, वह अमेरिका के टैरिफ के कारण न्यूट्रलाइज हो जाएगा।

87 बिलियन डॉलर के निर्यात पर पड़ेगा असर

अमेरिका के नए टैरिफ से भारत अमेरिका को भारत के माल निर्यात पर असर पड़ने की उम्मीद है। 2024 में यह लगभग 87 बिलियन डॉलर का था। जिन वस्तुओं और सेवाओं पर असर पड़ सकता है उनमें श्रम-प्रधान उत्पाद जैसे वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और आभूषण, और पेट्रोकेमिकल्स शामिल हैं।

भारत को फायदा मिलने की उम्मीद ?

निर्यातकों का तर्क है कि इससे भारत को कुछ तुलनात्मक लाभ मिलेगा जबकि हाई इम्पोर्ट ड्यूटी अमेरिका में घरेलू कीमतों को बढ़ाएंगे, यहां तक कि कुछ देशों के लिए 10% ड्यूटी के बेसिक के साथ और उपभोक्ता मांग को कम कर देंगे। अनिश्चितता के कारण पहले से ही कुछ ऑर्डर रोक दिए गए हैं, जिसका असर दुनिया भर के कारखानों पर पड़ रहा है। अनुमान बताते हैं कि भारत के लगभग दो-तिहाई एक्सपोर्ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ का असर पड़ेगा। फार्मा और कुछ पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों सहित बाकी को कम से कम अभी के लिए राहत मिली है। गुरुवार से लागू होने वाले ऑटोमोबाइल और कलपुर्जों पर 25% टैरिफ से निर्यात में मंदी देखी जा सकती है। यही स्थिति स्टील और लोहे के उत्पादों की भी है, जिन पर भी 25% टैरिफ लगाया गया है। विश्लेषकों के अनुसार, वियतनाम और चीन जैसे देश, जो निर्यात पर अधिक निर्भर हैं, खासकर अमेरिका पर, उनकी अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा झटका लग सकता है। किसी भी मामले में, बुधवार को वाशिंगटन में घोषित 34% रेसिप्रोकल टैरिफ के अलावा, चीन को ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान लगाए गए 20% अतिरिक्त शुल्क और हाल ही में घोषित कई निर्यातों पर 25% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है।

 

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