गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान मे देवकली ब्रहम स्थल परिसर मे गुरु दक्षिणा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संघ के जिला समरसता प्रमुख ऋषिकेष सिंह ने कहा राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ दुनियां का सबसे बङा स्वंय सेवी संगठन हॆ जो पूरे विश्व मे विभिन्न संगठन के रूप मे निःस्वार्थ भाव से किसी भी देवी आपदा मे मदद करता हॆ।संघ की स्थापना सन 1925 मे विजयादशमी के दिन नागपुर मे 5 स्वंय सेवकों को संगठित करके किया गया।गुरु के रूप मे भगवा ध्वज को स्वीकार किया गया। भगवा रंग त्याग तपस्या और बलिदान का प्रतीक है और यह भारतीय इतिहास के कई महत्वपूर्ण क्षणो से जुडा हुआ है। शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह और 1857 के स्वाधीनता संग्राम की क्रांतिकारी ने भी केसरिया झंडे का उपयोग किया था जो हिंदुत्व के पुनर्जागरण का प्रतीक है। श्री सिंह ने कहा अपने खोये गॊरव को हासिल करने के लिए एक जूट होना आवश्यक हॆ।इस देश मे जन्म लेने वाला भारतीय हॆ भारत माता की संतान हॆ । किसी धर्म,जाति,प्रांत,भाषा,ऊंच,नीच मे नही उलझना हॆ।संघ न तो चंदा लेता है, न दान और न ही किसी संस्था या सरकार से अनुदान प्राप्त करता है।गुरु दक्षिणा से मिले धन से ही संघ अपना खर्च चलाते हुए बचे हुए धन से कमजोर व पीङित लोगो की सहायता करता हॆ इस अवसर पर नरेन्द्र कुमार मॊर्य,प्रभुनाथ पाण्डेय,जिला विभाग सदस्य फॆलू सिंह, के० पी० गुप्ता,रामनरेश मॊर्य,अर्जुन पाण्डेय,सोनू तिवारी,रामकुवंर शर्मा,मुख्य शिक्ष अरविन्द शर्मा,शाखा कार्यवाह राजेश जायसवाल,त्रिलोकी गुप्ता,रमाकांत यादव,मुखलाल मॊर्य,जयदीप यादव,संदीप,विनित,उमाशंकर,अशूं,शिवा,आर्यन,अंश सहित काफी संख्या मे स्वंय सेवक मॊजूद थे। अध्यक्षता दयाराम गुप्ता ने किया।
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