गाजीपुर। सिद्धपीठ हरिहरपुर कालीधाम में महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति ने बुद्धवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हर धर्म के लोग यहां मिलजुल कर रहते हैं। जिस तरह से देश के बड़े मंदिरों और मठों पर सरकार का अधिकार है उसी तरह से वक्फ की संपत्तियों व मस्जिदों पर भी सरकार का अधिकार होना चाहिए। मंदिर, मठो, मस्जिद व गिरजाघरों आदि पूजा स्थल के चल-अचल संपत्तियों की रक्षा के लिए सरकार की शक्तियां जरुरी हैं। उन्होने बताया कि वर्तमान समय में समाज और परिवार का ताना-बाना और संतुलन बिगड़ रहा है ऐसे में रामचरित मानस और श्रीराम की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्रीराम ने समाज के हर वर्गों को साथ लेकर असत्य पर विजय प्राप्त की थी। श्रीराम ने अपने आचरण में पुत्र, भाई, पति और पिता का जो अहम भूमिका बताई है यह आज के समाज के लिए अनुकरणीय है। जिस घर में श्रीरामचरित्र मानस का पाठ होगा उस घर में शांति और समृद्धि होगी। स्वामी भवानीनंदन ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को एक अलौकिक पुरुष बताया, जिन्होने देश की एकता और अखंडता के लिए हर संभव प्रयास किया है। बिगड़ते राजनैतिक माहौल में मोहन भागवत ने कहा कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर न खोजें। सिद्धपीठ बुढिया माई के मंदिर में मोहन भागवत जी का आगाध श्रद्धा और भक्ति है। सीएम योगी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि योगी जी अगर देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो यह अच्छी बात होगी।
