गाजीपुर। भाजपा में जिताऊ प्रत्याशी के रूप में एक नाम काफी तेजी के साथ उभरकर आ रहा है पूर्व मंत्री विजय मिश्र का और ये अगर भाजपा से प्रत्याशी बनते है तो सर्वजाति में लोकप्रिय होने के साथ ही सपा के मूल वोटरों में भी काफी मजबूत पकड़ रखते हैं जिसके कारण उनको बड़ी संख्या में यादव और मुस्लिम का भी समर्थन मिलेगा जिसका प्रमाण है कि जब विजय मिश्र पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर आये थे तब भी और अन्य कार्यक्रमों में भी पिछड़े वर्ग के साथ-साथ यादव समाज और मुस्लिम समाज के भी जो सपा के मूल वोटर है वो प्रमुख रूप से उनके साथ खड़े दिखाई देते हैं। जिसके कारण करण्डा द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य उपचुनाव में सपा से सीट छीनकर शैलेश राम को जिताने में और नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सरिता अग्रवाल को जिताने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। विकास के मामले में मनोज सिन्हा जी के बाद पूर्व मंत्री विजय मिश्र का नाम आता है उन्होंने अपने कार्यकाल में गाजीपुर में आधुनिक अस्पताल, ट्रामा सेंटर, आडिटोरियम,अनेकों पुल और सड़क,कटान हो रहे पुरैना गांव में गंगा जी के किनारे बांध का निर्माण, करंडा, लोटन इमली, कटघरा रायपुर, मैनपुर में नये विद्युत घर,मोबाईल ट्रॉली ट्रांसफार्मर,दर्जन भर ट्यूबेल का निर्माण, लाला बाबा खिदिरपुर, बौडहिया आश्रम चीतनाथ,रामलीला मैदान नवाबगंज सामुदायिक भवन का निर्माण, दस हजार से अधिक लोगों को चारों धाम की यात्रा कराई ऐसे उन्होंने अनगिनत कार्य किये। वहीं कोरोना के समय लॉकडाउन के दौरान उनके द्वारा स्थापित रसोई के माध्यम से हजारों लोगों को दोनों टाइम भोजन की व्यवस्था पूरे लाक डाउन दो महीने कराई गई। जिस तरह से गाजीपुर में उनके नाम की चट्टी चौराहो पर हर वर्ग द्वारा चर्चा की जा रही है। निश्चित रूप से अगर भाजपा उनको प्रत्याशी घोषित करती है तो गाजीपुर सीट भाजपा के खाते में जाना सुनिश्चित है।
Home / ग़ाज़ीपुर / गाजीपुर लोकसभा चुनाव: सिन्हा परिवार के बाद क्या बीजेपी पूर्व मंत्री विजय मिश्र पर लगा सकती है दांव?
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