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सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल गाजीपुर में मनाया गया हिंदी दिवस

गाजीपुर। सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजस अंतरगत सत्यदेव इंटरसे स्कूल गाजीपुर में सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजस के प्रबंध निदेशक प्रोफेसर सानंद सिंह तथा प्रबंधक डा प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में हिंदी दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा के साथ की गई। इसके बाद हिंदी के अध्यापक  विशेश्वर तिवारी ने हिंदी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “हिंदी केवल बोलचाल की भाषा ही नहीं, बल्कि हृदय की वेदना है।” तदोपरांत कक्षा 7वीं से 10वीं तक के छात्रों ने हिंदी साहित्य के  आदिकाल,भक्ति काल रीतिकाल छायावादी युग से लेकर प्रगतिवादी युग तक के सफर के बारे में बताया तथा उस काल के सभी प्रमुख कवियों और लेखकों की कृतियों को प्रस्तुत किया। इसके बाद हिंदी अध्यापक अवनीश राय ने अपने गीत ” हिंद की हिंदी है पहचान…” से सभी का मन मोह लिया। तत्पश्चात कक्षा 10वीं की हेड गर्ल श्रेया तिवारी ने हिंदी दिवस पर बहुत ही ओजस्वी और प्रभावशाली भाषण दिया, जिसे सभी ने खूब सराहा। उसके बाद हिंदी अध्यापक पंकज चौरसिया ने हिंदी की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए बताया कि प्राचीन काल में हिंदी क्या थी और वर्तमान में उसकी क्या स्थिति है। अंत में विद्यालय के यशस्वी प्रधानाचार्य चंद्रसेन तिवारी ने अपने ओजस्वी और प्रेरणादायक उद्बोधन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा, “हिंदी केवल किताबों के पन्नों में कैद रहने वाली भाषा नहीं है, बल्कि यह हर एक बच्चे की धड़कन, उसकी जुबान और उसके संस्कारों में बसनी चाहिए।” उन्होंने बताया कि लॉर्ड मैकाले ने अपने होम सेक्रेटरी को लिखा था कि “मैं नहीं कह सकता कि भारत राजनीतिक रूप से आपके अधीन रह पाएगा लेकिन इतना मैं अवश्य करके जा रहा हूं की यह देश राजनीतिक स्वतंत्रता पा लेने के बाद भी अंग्रेजी मानसिकता, अंग्रेजी सभ्यता और अंग्रेजी भाषा के प्रभाव से बाहर नहीं निकल पाएगा ।”  हम शरीर से तो आज़ाद हो गए, पर मानसिक रूप से आज भी हम उसी अंग्रेजी मानसिकता के गुलाम बने हुए हैं।” उन्होंने छात्रों को जागृत करते हुए कहा, “यह गुलामी की मानसिकता तभी समाप्त होगी, जब हम अपने घरों की दीवारों से अंग्रेजी कैलेंडर को हटाकर चैत्र से फाल्गुन तक के पंचांग को लगाएंगे।” अंत में उन्होंने सभी छात्रों से आह्वान किया, “बच्चों, अपनी भाषा बोलने में कभी शर्माओ मत। हिंदी हमारी माँ है, हमारी पहचान है। इसे गर्व के साथ बोलो, गर्व के साथ लिखो और गर्व के साथ जियो। जिस दिन भारत का हर बच्चा गर्व से हिंदी बोलेगा, उसी दिन हमारा देश सच्चे अर्थों में विश्वगुरु बनेगा।” प्रधानाचार्य जी के इस उद्बोधन से पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।  अंत में उन्होंने सभी सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल परिवार के सदस्यों को हिंदी दिवस , हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी की बधाई दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। मंच संचालन का कार्य  चंदनु तिवारी ने बहुत ही बेहतरीन तरीके से किया। उक्त अवसर पर सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजेस के रेजिडेंस डायरेक्टर अमित रघुवंशी काउंसलर दिग्विजय उपाध्याय उप प्रधानाचार्य आवेश कुमार,कोऑर्डिनेटर अमित सिंह, सीसीए प्रतिमा कुशवाहा आदि समेत सभी शिक्षक  एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी  गण उपस्थित रहे।

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