Breaking News
Home / ग़ाज़ीपुर / बाहुबली मुख्‍तार अंसारी के निधन के बाद 2027 के चुनाव में विधायक अब्‍बास अंसारी व मन्नू अंसारी को देनी होगी अग्नि परीक्षा

बाहुबली मुख्‍तार अंसारी के निधन के बाद 2027 के चुनाव में विधायक अब्‍बास अंसारी व मन्नू अंसारी को देनी होगी अग्नि परीक्षा

शिवकुमार

गाजीपुर। बाहुबली मुख्‍तार अंसारी के निधन के बाद अब 2027 के विधानसभा चुनाव में उनके बेटे विधायक अब्‍बास अंसारी और भतीजे शोएब उर्फ मन्‍नू अंसारी को अग्नि परीक्षा देनी होगी। सियासी गलियारों में चर्चा है कि मुख्‍तार अंसारी के निधन के बाद उनके समर्थकों के सहानुभूति में लोकसभा 2024 में अफजाल अंसारी की नईया पार लगा दी लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव में अब उनके वारिशों को अपने काम के मेरिट पर अग्नि परीक्षा देनी होगी। मुहम्‍मदाबाद विधानसभा में शुरुआती 80 और 90 के दशकों के कुछ चुनाव को छोड़कर शेष चुनाव मुख्‍तार अंसारी के रसूख पर अंसारी बंधु चुनाव विजय पताका लहराते थे। मुख्‍तार अंसारी ने अपने रसूख, धन-बल और सोशल इंजीनियरिंग के चलते मऊ में भी ऐसा राजनीतिक समीकरण बनाया जिससे वह चार बार जेल के अंदर और बाहर रहते हुए विधायक चुने गये। मऊ सदर विधानसभा में लगभग 4 लाख 80 हजार मतदाता हैं। मुस्लिम बाहुल्‍य क्षेत्र में यादव, राजभर मिलकर एक सशक्‍त समीकरण बनाते थे जिससे मुख्‍तार अंसारी जेल के अंदर रहते विधायक बन जाते थे। मुख्‍तार अंसारी अपने जीवनकाल में सुभासपा के टिकट पर सपा के गठजोड़ से अब्‍बास अंसारी को मऊ से विधायक बना दिया। अब 2027 के चुनाव में ओमप्रकाश राजभर भी सपा का दामन छोड़कर कमल के फूल से हाथ मिला लिये हैं और मुख्‍तार अंसारी का भी निधन हो गया है। अब्‍बास अंसारी के विधायकी का अधिकांश कार्यकाल जेल मे बीता है, शेष बचे समय में अब्‍बास अंसारी अपने पिता के अंदाज में जनसंपर्क कर भाषण दे रहे हैं। जिसमे वह सरकार के विरोधी होने का दावा कर रहे है और समय आने पर विकास की बात कर रहे हैं। अब्‍बास अंसारी का यह फार्मूला अब जनता के दिल में कितना उतरेगा यह आने वाला समय बतायेगा। मुख्‍तार अंसारी के भतीजे मन्‍नू अंसारी भी उनके जीवन काल में 2022 के चुनाव में सपा और सुभासपा के गठबंधन पर विधायक निर्वाचित हुए थे। मुख्‍तार अंसारी ने मुहम्‍मदाबाद में मुस्लिम, यादव, मोस्‍ट बैकवर्ड और दलितों का जो समीकरण बनाया था जिससे अंसारी परिवार करीब आठ बार विधायक बन चुका है। मुख्‍तार अंसारी के निधन के बाद सुभासपा से भी गठबंधन टूट गया है अब उनके प्रबल समर्थक भी अब प्रबल विरोधी हो गये हैं जो इस चुनाव में घातक सिद्ध हो सकता है। विधायक मन्‍नू अंसारी साफ-सुथरे छवि के विधायक हैं, इन्‍होने पूरे कार्यकाल में जनता के सुख-दुख में शामिल होने का हर संभव प्रयास किया है। विपक्ष में होने के चलते यह अपने निधि से ही नाली, खडंजा का विकास कार्य कर रहे हैं। अब देखना है कि मुहम्‍मदाबाद की जनता विधायक मन्‍नू अंसारी को रेनुअल करती है या कोई नया समीकरण पैदा होता है।

 

[smartslider3 slider="4"]

About admin

Check Also

डालिम्स सनबीम स्कूल जखनियां में लगा नि:शुल्‍क नेत्र शिविर, 97 मरीजों का हुआ नेत्र परीक्षण  

गाजीपुर। डालिम्स सनबीम स्कूल जखनियां में रविवार को साबिर अली एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के …