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बरहपुर में कोटेदार पर कम राशन देने का आरोप, कार्डधारकों ने उठाई जांच की मांग

गाजीपुर। केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट प्रतिमाह 5 किलो मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन नंदगंज क्षेत्र की ग्राम सभा बरहपुर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर राशन वितरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और राशन कार्ड धारकों ने कोटेदार पर प्रति कार्डधारक एक से दो किलो तक कम राशन देने का आरोप लगाया है तथा पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण के दौरान कोटेदार पहले अपने वितरण रजिस्टर में निर्धारित मात्रा के अनुसार पूरे राशन की प्रविष्टि करता है और लाभार्थियों से हस्ताक्षर या अंगूठा लगवा लेता है। इसके बाद राशन की मात्रा कम देकर वितरण किया जाता है। कार्डधारकों के अनुसार जिन परिवारों के राशन कार्ड पर पांच यूनिट दर्ज हैं, उनके मोबाइल पर 5 किलो गेहूं और 20 किलो चावल मिलने का संदेश प्राप्त होता है, लेकिन वितरण के समय उन्हें एक किलो तक कम राशन दिया जा रहा है। इस संबंध में जब कुछ लाभार्थियों ने कोटेदार से शिकायत की तो उसने कथित रूप से बताया कि उसे स्वयं गोदाम से तौल में कम राशन मिलता है, इसलिए सभी कार्डधारकों को थोड़ा-थोड़ा कम राशन देकर उसकी भरपाई करनी पड़ती है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। राशन कार्ड धारकों ने एक और गंभीर आरोप लगाया कि मोबाइल पर गेहूं और चावल दोनों मिलने का संदेश आने के बावजूद अधिकांश लोगों को केवल चावल देकर राशन पूरा कर दिया जाता है। जब इस बारे में कोटेदार से पूछा जाता है तो उसका जवाब होता है कि इस बार केवल चावल ही उपलब्ध हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि खाद्यान्न की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी है तो इसकी जानकारी पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों को दी जानी चाहिए। साथ ही वितरण रजिस्टर में वास्तविक मात्रा दर्ज की जानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न रहे। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, राशन वितरण की वास्तविक स्थिति की पड़ताल करने तथा पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में गेहूं और चावल उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब परिवारों के लिए राशन योजना जीवनयापन का महत्वपूर्ण सहारा है, इसलिए वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

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