गाजीपुर। समाजवादी पार्टी गाजीपुर के तत्वाधान में पार्टी कार्यालय समता भवन पर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में समाजवादी पुरोधा जनेश्वर मिश्र जी की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम और विचार गोष्ठी हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जनेश्वर मिश्रा के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया और देश की सत्ता पर हुकूमत कर रही तानाशाह सरकार को सत्ता से बेदखल करने का संकल्प लिया। गोष्ठी में विषय प्रवर्तन करते हुए बतौर मुख्य वक्ता पीजी कालेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर श्रीकांत पांडे जी ने जनेश्वर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें खांटी समाजवादी नेता बताया। उन्हें जन सरोकार से जुड़ा और आंदोलन का नेता बताया। उनके व्यापक सोच की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज वर्तमान राजनीतिक दौर में वह पुनः प्रासंगिक हो उठे हैं। उन्होंने कहा देश गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है ऐसे दौर में आज मुल्क को जनेश्वर जी जैसे नेतृत्व की जरूरत है जो तमाम विभिन्न विचारधाराओं के लोगों को एक मंच पर संघर्ष का रास्ता अख्तियार कर मुल्क की इस साम्प्रदायिक और संकीर्ण सोच तथा तानाशाही हुकूमत से देश को मुक्ति दिला सके। गोष्ठी में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की जनविरोधी , तानाशाही और पूंजीपरस्त नीतियों के चलते देश आज क्रांति के मुहाने पर खड़ा है। उन्होंने जनेश्वर मिश्र को महान नेता बताते हुए समाजवादी आंदोलन का प्रमुख स्तंभ बताया और कहा कि वह समाजवाद के पुरोधा थे। उन्होंने कहा कि आज देश भाजपा सरकार की तानाशाही नीतियों से आजिज है, संविधान की मूलभूत भावनाओं और लोकतंत्र की मर्यादा पर लगातार हमले हो रहे हैं, भाजपा सरकार के बुलडोजर तले आम आवाम के सपने लगातार रौंदे जा रहे हैं, ऐसे दौर में आज पूरा मूल्क जनेश्वर जी को बड़ी शिद्दत के साथ याद कर रहा है कि काश आज जनेश्वर जी होते तो देश की तानाशाही हुकूमत के खिलाफ मजबूत नेतृत्व प्रदान कर इस जुल्मी सरकार से मुक्ति दिलाते। उन्होंने कहा कि जनेश्वर जी का व्यक्तित्व विराट था। पुर्व विधायक खुर्शीद अहमद ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा करते हुए कहा कि वह सरलता और सादगी के प्रतीक थे,कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए भी उनके अंदर बनावट, अहम् लेशमात्र नहीं था। उन्होंने कहा कि आंदोलन और संघर्ष जनेश्वर जी के मूल मंत्र थे। वह सामाजिक और राजनीतिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के पुरजोर पैरोकार थे। पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने जनेश्वर जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि डॉ. लोहिया ने जनेश्वर जी के बारे में कहा था कि उनके जैसा एक भी नेता अगर देश में रहेगा तो तानाशाही ताकत कभी भी अपना सर नहीं उठा सकती। वह संघर्ष और सत्य के प्रतीक थे। वह आजीवन बाह्य आडम्बर, अस्पृश्यता के खिलाफ लगातार संघर्ष करते रहे। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ नन्हकू यादव, प्रदेश सचिव सुशील जायसवाल, रविन्द्र प्रताप यादव,सदानंद यादव,अरूण कुमार श्रीवास्तव निजामुद्दीन खां, तहसीन अहमद, पुनीता यादव खुश्बू, सुनीता यादव,डॉ समीर सिंह,विजय शंकर यादव,राजेश यादव , राहुल निषाद,सुषमा बिंद,सुजीत यादव,चन्द्रेश्वर यादव,जुमाउद्दीन, अशोक कुमार यादव,रामाशीष यादव,सुग्गू यादव, दारा यादव,राधेश्याम यादव, द्वारिका यादव, हरवंश यादव,शारिक भाई,हरेन्द्र यादव लालू,आदि उपस्थित थे। इस गोष्ठी का संचालन जिला सचिव जयराम भारती ने किया।
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