गाजीपुर। जिले में स्मार्ट मीटर व्यवस्था विद्युत विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। एक तरफ सरकार स्मार्ट मीटर को पारदर्शिता एवं उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए लाभकारी बता रही है, वहीं दूसरी तरफ जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिल और एसएमएस न मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं। इससे विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर क्षेत्र के गोराबाजार निवासी रिजवानुलहक (खाता संख्या-0204782000) ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से आज तक नियमित बिजली बिल उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही मोबाइल पर कोई एसएमएस भेजा गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह 28 अगस्त 2024 से लगातार शिकायत पत्र दे रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण वह आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशान हैं। बिना बिल के उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं हो पा रही है कि उनका वास्तविक बकाया कितना है, जिससे भविष्य में भारी भरकम बिल आने का डर बना हुआ है। वहीं रौजा क्षेत्र में भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां उपभोक्ताओं को पिछले दो वर्षों से न तो बिजली बिल मिल रहा है और न ही एसएमएस अलर्ट। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब वह समाधान के लिए उपकेंद्र पहुंचते हैं तो कुछ विभागीय कर्मचारियों द्वारा पुराने बकाया के सेटलमेंट के नाम पर अवैध वसूली की बात की जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वे अपनी शिकायत लेकर अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचते हैं तो केवल जल्द समस्या समाधान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिले में लगातार सामने आ रही इन शिकायतों के बाद विद्युत विभाग की स्मार्ट मीटर व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित होती दिखाई दे रही है। लोगों का आरोप है कि विभाग में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है और उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर शासन और मुख्यमंत्री स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कड़ा एक्शन लिया जाएगा या फिर आम उपभोक्ता इसी तरह विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर रहेगा।
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