गाजीपुर। “कोटा परमिट और दलाली का जीवन जीने वालो, और अपने ही पड़ोसियों का ख़ून चूसकर पीने वालों जब हिटलर शाही नहीं चली तो, इंदिरा शाही नहीं चलेगी” आपात काल के दौरान यह गीत गाकर कांग्रेसियों को ललकारते और लोकतंत्र सेनानियों को उर्जा देने वाले लोकतंत्र सेनानी बृजभूषण पांडेय उम्र 77 वर्ष निवासी गन्नापुर विरनो गाजीपुर आज गाजीपुर श्मशानघाट पर राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। बृजभूषण पांडेय का निधन कल शनिवार सायंकाल 6-00 बजे हृदयगति रुकने से हो गया था। बृजभूषण पांडेय 1975 मे आपातकाल के दौरान छ माह तक जेल मे रहकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। तथा 1985 मे गाजीपुर सदर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रहकर चुनाव लड़ें थे। रामजन्म भूमि आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका में एक जत्थे का नेतृत्व करते हुए पैदल अयोध्या पहुंच कर सरकार को चुनौती देने वाले बृजभूषण पांडेय के पिता सरयु पांडेय क्षेत्र के एक अत्यंत साभ्रांत किसान थे जिनके सात पुत्रों मे ये चौथे नंबर पर थे। बृजभूषण पांडेय की पत्नी कमला देवी का चार वर्षों पूर्व निधन हो चुका है। जबकि इन्होंने अपने पिछे दो पुत्र अरविंद पांडेय व सुनील पांडेय के आलावा दो पुत्रियां भी है।इस निधन पर भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने दुःख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया और कहा कि बृजभूषण जी जैसे कर्मठ और लोकतंत्र के प्रति निष्ठा वान राष्ट्रभक्त, रामभक्त मार्गदर्शक नेता कार्यकर्ता मिलना असम्भव है। अंत्येष्टि स्थल श्मशानघाट पर उतर प्रदेश पुलिस के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आफ आनर देकर भावभीनी विदाई दिया। इससे पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय, रामनरेश कुशवाहा,प्रवीण सिंह, अवधेश राजभर, जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा, संकठा मिश्र, विष्णु प्रताप सिंह, राकेश यादव,हनुमान यादव,लहजू यादव, आलोक तिवारी, सतीश राय, प्रमोद राय, विवेकानंद पांडेय व मंडल अध्यक्ष सुनील कुशवाहा आदि ने पार्थिव शरीर पर पार्टी झंडा ओढ़ाया व माल्यार्पण व पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित किया । मुखाग्नि उनके बड़े बेटे अरविंद कुमार पांडेय ने दिया।
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