गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैसलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित किए जाने पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मजबूती से आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेतर संघ के जिला समन्वयक कैलाशनाथ सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, अंशकालिक शिक्षक व कर्मियों, रसोइयां को कैशलैस चिकित्सा सुविधा का शासनादेश जारी किया है, जबकि माध्यमिक विद्यालय की रीढ़ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित किया गया है। प्रदेश संगठन के निर्णय से अवगत कराते हुए उन्होंने बताया प्रदेश के सभी सहायता प्राप्त माध्यमिक के शिक्षणेत्तर कर्मचारी 7 से 16 फरवरी तक प्रत्येक विद्यालय से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपनी नाराजगी जाहिर कर शिक्षणेत्तर वर्ग को कैशलैस चिकित्सा सुविधा दिए जाने की मांग करेंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश के प्रत्येक जिला कार्यकारिणी की ओर से सभी विधायक व विधान परिषद सदस्य को जिला संगठन की ओर से मांग पत्र देकर हस्तक्षेप करने, व दोनों सदनों में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार व शोषण की आवाज बुलंद करने का अनुरोध करेगा। इसके अलावा आगामी 18 फरवरी से प्रारंभ हो रही बोर्ड परीक्षा में काली पट्टी बांध कर सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए कार्य करने का काम शिक्षणेत्तर कर्मचारी करेंगे। उन्होंने बताया प्रदेश सरकार व माध्यमिक शिक्षामंत्री की उपेक्षा से आहत प्रदेश का समस्त शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा व महामंत्री संजय पुंढीर के नेतृत्व में प्रदेश मुख्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन कर अपनी नाराज़गी व हक को जाहिर करेंगे। जिला समन्वयक कैलाशनाथ सिंह ने जनपद के प्रत्येक शिक्षणेत्तर कर्मचारी से अन्याय, उत्पीड़न, हक व आत्मसम्मान के लिए एकजुट होकर आंदोलन के लिए कमर कसने का आह्वान किया है।
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