गाजीपुर। आस पास क्षेत्रों मुस्लिम समुदाय का त्यौहार शब ए बारात बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया। शब ए बारात पर मंगलवार को अकीदत मंद ने अपने पूर्वजों के कब्र पर मोमबत्ती, दिए अगरबत्ती जलाकर उनके मगफिरत के लिए दुआ मांगे। इस्लाम में शब ए बारात त्यौहार का काफी अहमियत है। इस संबंध में कारी इमरान ने बताया कि तमाम रातों में शब ए बरात कि रात अफजल है। अल्लाह ताआला ने लोगो कि दुआ कुबूल फरमाता है। बताया कि इस्लामिक मान्यता के अनुसार बीते वर्ष किए गए कर्मो का लेखा जोखा और आने वाले वाले साल कि तकदीर तय करने वाली इस रात को शब ए बारात कहा जाता है।शाबान कि 14 तारीख को शब ए बारात मनाया जाता है । शब ए बारात इबादत, फजीलत, रहमत और मगफिरत कि रात मानी जाती है इसलिए अकीदत मंदो ने रात भर जागकर अल्लाह से अपने व परिवार कि गुनाहों के मगफिरत के लिए दुआ मांगी।इसी क्रम मे देवकली,माऊपारा,सोन्हुली,मण्डपा,महमूदपुर,मुस्लिमपुर,तरांव,पियरी,पहाङपुर,रामपुर माझां,शेखपुर आदि मुस्लिम बाहूल्य गांवो मे चहल पहल का माहॊल बना रहा।
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