गाजीपुर! उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाये जा रहे महिलाओं को जागरूक किये जाने एवं स्वालम्बी बनाने के उद्देश्य से जनपद गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश के निर्देश पर स्वंय सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उनके जीवन की कहानी अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बन गई है, जिन्होंने आत्मनिर्भरता की राह पर चलने का संकल्प लिया है। किरन सिंह का जन्म गाजीपुर जनपद के रेवतीपुर विकासखंड एक छोटे से गाँव उतरौली में हुआ था, जहाँ परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य से भी नीचे थी। परिवार की जिम्मेदारियों ने उन्हें उच्च शिक्षा पूरी करने का अवसर नहीं दिया, लेकिन उनके अंदर आत्मविश्वास और कुछ करने का जुनून हमेशा से था। स्वंय सहायता समूह से जुड़ाव हेतु किरन सिंह ने अपने गाँव में महिलाओं के साथ मिलकर जय माँ काली स्वयं सहायता समूह की स्थापना की। इस समूह का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करना था। स्वंय सहायता समूह के माध्यम से उन्होंने छोटी-छोटी बचत करना शुरू किया और धीरे-धीरे समूह की महिलाएं छोटी-मोटी आर्थिक गतिविधियों में शामिल होने लगीं। आजीविका का कार्य – किरन सिंह ने मसाले के व्यवसाय के बारे में कई संस्थाओ से मसाले बनाने की प्रक्रिया के तहत कच्चे माल की गुणवत्ता की पहचान करना, मसाले पीसने की तकनीक, धूप में सुखाने और नमी नियंत्रित रखने के तरीके, एवं आकर्षक लेबलिंग और पैकिंग करना सिखने का अवसर प्राप्त हुआ. जिससे प्रेरित होकर किरन सिंह द्वारा मसाला उद्योग का शुरुवात किया गया। ऋण और उद्यम की शुरुआत (स्वंद – म्दजमतचतपेम ैजंतज) स्वंय सहायता समूह की सहायता से किरन सिंह ने 100000 रूपये का ऋण लिया और मसाला उद्योग (मसाला उद्यन) की शुरुआत की। उन्होंने पहले अपने घर में ही मसाले बनाने शुरू किए, लेकिन उनकी मेहनत और गुणवत्ता के चलते जल्द ही उनके मसाले गाँव के बाहर भी मशहूर हो गए। उनका मसाला का व्यापार उद्योग धीरे-धीरे बढ़ता गया और आज उनका व्यापार लाखों में पहुंच गया है। अन्य सदस्यों को प्रेरणा (प्देचपतंजपवद जव व्जीमते) मसाला उद्योग में सफलता प्राप्त करने के बाद किरन सिंह ने अपने समूह की अन्य महिलाओं को भी इस काम में शामिल किया। उनके समूह की सभी महिलाएं मिलकर मसाले तैयार करती हैं और उनके द्वारा बनाए गए मसाले पूरे जिले में बिकते हैं। वर्तमान स्थिति (च्तमेमदज ैजंजने) आज, किरन सिंह अपने गाँव में सशक्त और सम्मानित महिला के रूप में जानी जाती हैं। मसाला उद्योग के माध्यम से हासिल की गई उनकी सफलता ने न केवल उनका जीवन बदला है, बल्कि उनके समुदाय की अन्य महिलाओं को भी सशक्त किया है। किरन सिंह की कहानी यह साबित करती है कि यदि दृढ निश्वय, सही मार्गदर्शन और संसाधनों की उपलब्धता हो, तो किसी भी महिला के लिए आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करना संभव है।
Ghazipur Khabar जोड़े आपको ग़ाज़ीपुर से..