गाजीपुर! अनिल कुमार राव सहायक निदेशक रेशम वाराणसी द्वारा बताया गया कि रेशम विकास विभाग गाजीपुर की योजनाअन्तर्गत विभाग की योजना में 0.50 एकड में शहतूत वृक्षारोपण कर 0.50 से 0.60 लाख एवं 1.0 एकड़ में शहतूत वृक्षारोपण कर कीटपालन के द्वारा 1.00 से 1.25 लाख तक आय प्राप्त की जा सकती है। जिसमें सिल्क समग्र-2 में दी जाने वाली सहायता का में वृक्षारोपण सहायता हेतु 0.15 (600 पौध), कीटपालन गृह सहायता 1.85 (400 वर्गफुट), कीटपालन उपकरण सहायता 0.40, सिंचाई सुविधा हेतु- 0.22500, 50ः25ः25, विशुद्धी करण सहायता-0.05 में कुल योग- 285 लाख की धनराशि एवं प्रशिक्षण सहायता में -0.07 की धनराशि प्रदान की जायेगी। जिसमें सहायता राशि 0.5 एकड़ में 600 शहतूत वृक्षारोपण करने पर देय है। प्रथम वर्ष में वृक्षारोपण के उपरान्त 80 प्रतिशत जीवितता के आधार पर अन्य लाभ की सहायता धनराशि देय होगी। रेशम मित्र पोर्टल पर आनलाईन पंजीकरण कर आवेदन, जी०ओ० टैगिंग आदि पूर्ण होने पर आगे की कार्यवाही होगी। reshammitraporta आवश्यक दस्तावेज- आधार कार्ड, खसरा खतौनी, मोबाइल नं० आधार से लिंक, पासपोर्ट साईज फोटो रहना अनिवार्य है। बहुउद्देशीय रेशम उत्पादन सहकारी समिति/स्वयं सहायता समूहों /एफ०पी०ओ० के सदस्यों को वरीयता दिया जायेगा। न्यूनतम 5 वर्ष कीटपालन कार्य करना होगा। योजना की स्वीकृति के उपरान्त रू0 100.00 के स्टाम्प पेपर पर अनबन्ध किया जायेगा। चाकी कीट विभाग द्वारा 0.50 रू0 प्रति डी0एफ0एल्स0की कीमत पर दिया जायेगा।
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