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खेल और खिलाड़ियों पर एंजायटी (व्यग्रता) का पड़ता है बुरा प्रभाव, होम्योपैथी में है सफल इलाज- डा. एमडी सिंह

गाजीपुर। उतावलापन अथवा एंजायटी (व्यग्रता) प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के सर्वांगीण प्रदर्शन को कमजोर करने वाला एक प्रमुख मानसिक कारक है। सामान्य खेल की अवस्था में बहुत अच्छा प्रदर्शन करने वाला खिलाड़ी प्रतियोगी प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाता है। जैसे-जैसे प्रतियोगिता निकट आती है खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को लेकर अत्यधिक संवेदनशील हो जाता है। यही अति संवेदनशीलता उसमें अनिद्रा, अपनी क्षमता पर अविश्वास , धड़कन अथवा पल्पिटेशन, अत्यधिक शारीरिक दुर्बलता का आभास, लंबी-लंबी साँस खींचना, घबराहट और रोने की इच्छा उत्पन्न हो जाने जैसी अनेक दुष्प्रभावी भावनाओं को जन्म देती है। खेल के मैदान में उतरने से पहले बार-बार टॉयलेट जाना, अचानक पसीने से डूब जाना, धड़कन का बढ़ जाना अथवा अकारण ही शरीर और हाथ पैर में कंपन महसूस करना एंजाइटी के ही लक्षण हैं। प्रत्यक्ष रूप में खेल के मैदान पर खिलाड़ी इसी घबराहट के कारण फाउल करता है, गोल पोस्ट के पास पहुंचकर गेंद बहार मार देता है, कुश्ती और जूडो में अच्छा खिलाड़ी भी हरबराहट में गलत दांव लगा देता है, स्टार्ट लेने में जल्दी अथवा देर कर देता है। इस तरह खिलाड़ी व्यक्तिगत और टीम प्रतिस्पर्धा में अपनी क्षमता का संपूर्ण प्रदर्शन नहीं कर पाता।

ऐसी अवस्था में लक्षण अनुसार होम्योपैथिक की निम्नांकित औषधियां अत्यंत कारगर सिद्ध हो सकती हैं–

1- अनाकार्डियम ओरिएंटल-

सही कर रहे हैं या गलत इसका निर्णय न कर पाना, अपनी क्षमता पर विश्वास न होना, बार-बार पीछे मुड़कर देखना इसी गलती ने मिल्खा सिंह को और भारत को एथलीट में पहला ओलंपिक पदक पाने से वंचित कर दिया था।  पीछे मुड़कर देखने के कारण ही तीन खिलाड़ी उन्हें पीछे छोड़ गए। ऐसी गलती करने वाला खिलाड़ी अनाकार्डियम ओरिएंटल 200 की मात्र एक खुराक खाकर अपनी इस मानसिक विचार से मुक्त हो सकता है।

2- अर्जेंटम नाइट्रिकम-

मैदान में उतरने से पहले बार-बार टॉयलेट जाना, घबराहट महसूस करना, पसीने छूटना हर एक कार्य में जल्दीबाजी और हरबराहट दिखाना। ऐसे खिलाड़ी अक्सर स्टार्ट गन की आवाज से पहले दौड़ पढ़ते हैं,  तय सीमा से पहले ट्रैक बदलकर क्वालीफाई नहीं कर पाते, गीत आने से पहले बल्ला घुमा देते हैं, सही दूरी पाने से पहले ही गोल पर गेंद हिट कर देते हैं। अर्जेंटम नाइट्रिकम 200 की एक खुराक इस आदत से मुक्ति दिला सकती है।

3-Cannabis Indica कैनाबिस इंडिका-

खिलाड़ी को समय धीमे-धीमे बीतता हुआ महसूस होता है इसलिए वह खेल की तैयारी में भी धीमापन दिखलाता है। फ्लाइंग डिस्क पहले उड़ जाएगा शूटर अपेक्षा की देर से शूट करके लक्ष्य भेदने में असफल होगा। त्वरित निर्णय लेने की कमी इस औषधि की मूल मानसिक लक्षण है जो खेल प्रतियोगिता की भावना के विरुद्ध है। प्रैक्टिस में धीमापन दिखाने वाले खिलाड़ियों को इस दवा की 200 पोटेंसी एक खुराक उनमें निर्णायक के तेजी ला सकती है।

3- Gelsemium जेलसेमियम –

कंपटीशन से पहले अचानक थकान, कमजोरी और निद्रालुता का अनुभव, शरीर में थरथराहट और कंपन। निशानेबाजों को एक टारगेट का दो दिखना।

इग्नेशिया-

नंबर एक खिलाड़ी को इस बात की एंजायटी हो जाती है की कोई दूसरा खिलाड़ी उससे आगे ना निकल जाए, वह अनावश्यक भय और अनिद्रा का शिकार हो जाता है, बात-बात पर रोना आता है। खेल प्रतियोगिताओं में जीत और पदक पाने के बाद खिलाड़ियों का रोना इस दवा का मुख्य लक्षण है।

नेट्रम मूर Natrum muraticum-

व्यग्रता के कारण खिलाड़ी झल्लाहट से भरा रहता है लेकिन किसी से सहानुभूति नहीं चाहता। ऐसे खिलाड़ी को समझा पाने में कोच को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। टीम स्पर्धा में यह खिलाड़ी व्यक्तिगत खेल पर विश्वास करता है जो टीम भावना के विरुद्ध है और टीम के लिए घातक भी। ऐसे खिलाड़ी की एंजायटी को समय-समय पर यह दवा 200 पोटेंसी में एक खुराक देकर दूर किया जा सकता है।

 

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