गाज़ीपुर। नंदगंज क्षेत्र के इंग्लिश मीडियम स्कूलों की बसों में बच्चों को क्षमता से अधिक ठूंसकर ले जाया जा रहा है, जिससे अभिभावकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इन बसों में न केवल सीटें पूरी तरह से भर जाती हैं, बल्कि उतनी ही संख्या में बच्चे खड़े होकर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं। यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत देती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि क्षेत्र में एआरटीओ की गाड़ियाँ लगातार गश्त करती हैं, लेकिन फिर भी इन बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन नंदगंज बाजार से प्रति छात्र प्रतिमाह 700 से 800 रुपये तक परिवहन शुल्क वसूलता है, जबकि अन्य स्थानों से आने वाले छात्रों से 1200 से 1400 रुपये तक शुल्क लिया जाता है। हालांकि, इस शुल्क के बदले बच्चों को न तो सही तरह से बैठने की जगह मिलती है और न ही यात्रा की कोई सुविधा। एक अभिभावक ने बताया कि उसने शिकायत करने के बावजूद कोई सुधार नहीं देखा है और बच्चे आज भी खड़े होकर स्कूल आते-जाते हैं। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने वाली इन बसों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जुर्माना लगाकर बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। अभिभावकों की चिंता यह भी है कि मनमानी वसूली के कारण उनकी आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है, जबकि बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। इस मुद्दे पर अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह और भी गंभीर रूप ले सकता है।
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