गाजीपुर। जनपद के नौली में चल रहे श्री रूद्रांबिका महायज्ञ एवं श्री रामकथा का आज समापन हो गया। महायज्ञ की पूर्णाहुति में हजारों श्रद्धालुओं ने काली माता मंदिर में मत्था टेका तथा यज्ञ मंडप की परिक्रमा की। इस क्रम में बीते देर शाम मां गंगा की दिव्य आरती की गई। मानवीय जीवन में यज्ञ के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए यज्ञाचार्य डॉक्टर पंडित धनंजय पांडे ने कहा कि यज्ञ का दर्शन व्यक्ति एवं समाज को श्रेष्ठ, शालीन एवं समुन्नत बनाने में समर्थ है। अपने में वह समग्र है। यदि इसे व्यवहार में उतारा जा सके तो यज्ञ से स्थाई सुख-शांति का मजबूत आधार बन सकता है। इसीलिए यज्ञ को मानवीय धर्म का पिता कहा गया है। इस क्रम में श्रीराम कथा के समापन के बाद काशी से पधारे पंडित विजय कौशिक ने राम के चरित्र को वर्तमान पीढ़ी के बच्चों में चरितार्थ करने के उद्देश्य से कहा कि आरम्भ से बच्चों को सदा जीवन- उच्च विचार का पाठ पढ़ाते हुए नैतिक शिक्षा से संबंधित शिक्षा देनी चाहिए। घर के वातावरण को बच्चों के समक्ष सकारात्मक एवं उत्साह भरने के लिए खुद माता-पिता को अपने जीवन को अनुशासित बनाना चाहिए एवं आदर्श जीवन की मिसाल पेश करनी चाहिए। प्रत्येक घर परिवार की अपनी संस्कृति, मर्यादाएं एवं परंपराएं होती हैं। उन्हीं के अनुरूप संस्कार पीढ़ी दर पीढ़ी आनुवंशिक रूप से प्राप्त होते रहते हैं ।घर के पूर्वजों बड़े-बूढो ,माता-पिता आदि के संस्कार अलग-अलग होते हैं जो हममें और हमारे बच्चों में आनुवांशिक रूप से आते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्री रूद्रांबिका धाम परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था। दिन भर प्रसाद वितरण व मंडप परिक्रमा का कार्य चलता रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम वासियों व क्षेत्र वासियों का सहयोग रहा।
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