गाजीपुर। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार शाम सादात नगर में स्वयंसेवकों ने अनुशासित पथ संचलन निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल रहे। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ तथा ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से समूचा नगर गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर काशी प्रांत के सह प्रचार प्रमुख अम्बरीष, जिला प्रचारक गौरव, संजय, शरदेंदु, दिव्यानंद, डॉ. नागेंद्र सिंह, अभिषेक, विनीत, दुर्गेश, अजय, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृजेंद्र राय, प्रो. शोभनाथ यादव, सादात के पूर्व चेयरमैन राजनाथ यादव, जितेन्द्र गुप्ता, देवी शरण, बेचू लाल, जयप्रकाश सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, डॉ. हेडगेवार और माधव राव गोलवलकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद संघ प्रार्थना और अमृत वचन प्रस्तुत किए गए। मुख्य वक्ता काशी प्रांत के सह प्रचार प्रमुख अम्बरीष ने अपने संबोधन में कहा कि संघ की स्थापना भारत को केंद्र में रखकर की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्ति निर्माण, सेवा भावना और राष्ट्र चेतना को जागृत करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक सतत आंदोलन है। अम्बरीष ने पंचतंत्र सूत्र को स्वयं अपनाने और दूसरों को भी इसे अंगीकार कराने का आह्वान किया। पथ संचलन सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ हुआ और मुख्य बाजार, रेलवे स्टेशन, थाना रोड, रघुवंश चौराहा से बस स्टैंड होते हुए पुनः सरस्वती शिशु मंदिर पर आकर समाप्त हुआ। इस दौरान पूरे मार्ग पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।
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