गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज की शोक सभा संस्था के संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी के सहकारी कालोनी, आमघाट स्थित आवास पर हुई।सभा में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय,जौनपुर के पूर्व कुलपति,श्री महंथ रामाश्रयदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय भुड़कुड़ा के पूर्व प्रबंधक,ख्यातिलब्ध गणितज्ञ,साहित्य चेतना समाज द्वारा ‘गाजीपुर गौरव सम्मान’ से सम्मानित प्रो.उदय प्रताप सिंह के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी गई।वक्ताओं ने कहा कि जनपद की जखनियाँ तहसील के रामसिंहपुर गाँव निवासी उदय प्रताप जी अत्यंत सहज,सरल एवं विनम्र थे।95 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सिंह साहब की आज भोर में तीन बजे निधन हो गया।पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में इनका कार्यकाल इनकी कर्मठता एवं ईमानदारी के लिए स्मरण किया जाता है। संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने उनसे जुड़ा एक संस्मरण सुनाते हुए बताया कि वर्ष 2004 में संस्था के वार्षिक समारोह में उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।टेलीफोन से हुई वार्ता में उन्होंने संस्था के उद्देश्य एवं गतिविधियों के विषय में विस्तार से जानकारी लेने के बाद अपनी सहमति दे दी।वे गोरखपुर रहते थे।कहा गया कि कोई गाड़ी किराए पर ले लीजिए,किराया संस्था वहन कर लेगी।उन्होंने अत्यंत विनम्रतापूर्वक मना करते हुए कहा कि जब संस्था कोई शासकीय वित्तीय सहायता नहीं लेती और सार्वजनिक रूप से भी चन्दा नहीं माँगती तो मैं रोडवेज की बस से आऊँगा।संस्था पर कोई आर्थिक बोझ नहीं डालूँगा।वे गोरखपुर से सुबह ही चलकर प्रातः दस बजे कार्यक्रम स्थल पर आ गये। बैठक में प्रमुख रूप से डाॅ.रविनन्दन वर्मा,हीरा राम गुप्त,डाॅ.पारस नाथ सिंह,आनन्द प्रकाश अग्रवाल,संजीव गुप्त,प्रभाकर त्रिपाठी,शशिकांत राय,राजीव मिश्र,अमरनाथ तिवारी अमर आदि उपस्थित थे।
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