गाज़ीपुर। आज राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर गोपीनाथ पीजी कालेज में विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग प्रतियोगिता और मिशन शक्ति 5.0 महिला सुरक्षा सम्मान और स्वावलंबन सशक्त महिला समृद्ध महिला विषय पर एक गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सुधा त्रिपाठी ने महिला सशक्तिकरण एवं विकसित भारत विषय पर अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाएं आज विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रही हैं जरूरत है उन्हें अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की। आज महिलाएं शिक्षा हो राजनीति हो सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। डॉ अंजना तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राचीन भारत की शिक्षा व्यवस्था ऐसी थी जिसमें विकसित राष्ट्र का भाव निहित था। जब तक हम अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को अपने जीवन में नहीं अपनाएंगे तब तक हम विकसित राष्ट्र के सपने को पूरा नहीं कर सकते हैं। एसएचओ कासिमाबाद ने कहा कि आज का परिवेश इतना बदल चुका है कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति इतना जागरूक हैं अपनी समस्याओं के प्रति मुखर होकर अपनी बात करती हैं ।विकसित राष्ट्र बनने में महिलाओं का शैक्षिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्थान जरूरी है। डॉ गिरिश चंद्र ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था में जब तक आमूल चूल परिवर्तन नहीं होगा तब तक विकसित राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती है। एक तरफ अंधाधुंध निजीकरण के कारण सरकार की शिक्षा व्यवस्था में काफी अंतर आ गया है इस असमानता को समाप्त कर एक श्रेष्ठ शिक्षा व्यवस्था के द्वारा हम राष्ट्र में परिवर्तन ला सकते हैं। डॉ चन्द्रमणि पांडेय ने विकसित भारत की संकल्पना पर कहा कि भारत दुनिया का सर्वाधिक युवाओं की आबादी वाला देश है। युवाओं को सही दिशा में नियोजित कर राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। कार्यक्रम अधिकारी डॉ मुनव्वर अली ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा हम विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। हमें अपने देश के प्रति हमारे जो कर्तव्य हैं जो अधिकार हैं पूरी ईमानदारी से अगर हम इसका अनुपालन करें तो विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। इसलिए हम सभी लोग देश प्रेम की भावना के साथ मिलकर विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लें जिसमें महिला, युवा ,किसान सभी को अपना विकास करने का अवसर मिले। विजय लक्ष्मी त्रिपाठी ने कहा कि आज भारत विज्ञान के क्षेत्र में इतना प्रगति कर लिया है जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते हैं। आज भारत अंतरिक्ष में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा विकसित भारत की संकल्पना का दर्शन होता है जिसमें किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक एवं कौशल युक्त शिक्षा की बात की गई है जिसके द्वारा हम युवाओं को कौशल युक्त शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। विकसित भारत कार्यक्रम में महाविद्यालय के स्वयंसेवक स्वयंसेविकाएं छात्राएं एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ गिरिश चंद्र ने किया।

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