Breaking News
Home / ग़ाज़ीपुर / सत्जीवन का सार है हिंदी

सत्जीवन का सार है हिंदी

गाजीपुर। सत्जीवन का सार है हिंदी,

भारत का श्रृंगार है हिंदी,

गुरुओं की वाणी है हिंदी,

संतों का उद्गार। है हिंदी।

कवि कल्पना का साकार है हिंदी,

अपनापन का व्यापार है हिंदी,

शिक्षक-शिक्षार्थी का व्यवहार है हिंदी,

अखंडता में एकता की भरमार है हिंदी।

आदि कवि का परिवार है हिंदी,

रामायण की साखी ‘ हार ‘ है हिंदी,

जयशंकर की जय जयकार है हिंदी,

भारतेंदु , भूषण , की बहार  है हिंदी।

चंद्रशेखर ,भगत का वार है हिंदी,

लक्ष्मी बाई की कटार है हिंदी,

चेतक की मारुत चाल है हिंदी,

वीर राणा की तलवार है हिंदी।

राजाओं का दरबार है हिंदी,

आक्रांताओं का कारागार है हिंदी,

होली ,दीपोत्सव का त्यौहार है हिंदी,

दैनिक जीवन का अखबार है हिंदी।

गंगा की पावन धार है हिंदी,

काशी का तारनहार है हिंदी,

महाकुंभ का संसार है हिंदी,

आर्यावर्त का संस्कार है हिंदी।

कृत – चंद्रसेन तिवारी

[smartslider3 slider="4"]

About admin

Check Also

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत डीएम, सीडीओ ने किया मेडिकल कालेज में पौधरोपण  

गाजीपुर। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 05 जून, 2026 से …