गाजीपुर। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अलख कुमार ने दहेज दानव पति को दस वर्ष की सजा और 30 हजार अर्थदण्ड का लगाया है। सास-ससुर को साक्ष्य के आभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उर्मिला देवी पत्नी सदानंद निवासी नैसारा थाना-नंदगंज ने अपनी पुत्री की शादी उपेंद्र पुत्र रामजतन निवासी धरंवा थाना नंदगंज से बड़े धूमधाम के साथ किया था, विवाह के समय पल्सर बाइक दहेज में देने के लिए तय था लेकिन विवाह में हीरो पैशन प्रो बाइक दिया गया, इसपर उपेंद्र नाराज होकर लगभग एक माह बाद पैशन प्रो बाइक वापस कर दिया और पल्सर बाइक व 50 हजार रूपये का डिमांड करने लगा, जिसपर विवाहिता के परिवार वालो ने पल्सर बाइक तो दे दिया लेकिन गरीबी के चलते 50 हजार रूपये नही दे पायें। इससे क्रोधित होकर उपेंद्र ने 16 मार्च 2020 विवाहिता को जहर देकर जान से मार डाला। विवाहिता की मां उर्मिला देवी ने घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराया, नंदगंज पुलिस ने मामले की छानबीन कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत किया। एडीजीसी अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मुकदमे में कुल 12 गवाह परिक्षित कराये गये, सभी ने घटना का पुष्टि किया। दोनो पक्षो के अधिवक्ताओ के बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने पति को दस वर्ष की सजा सुनाई व 30 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया।
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