गाजीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, अंकुशपुर, गाजीपुर के प्रशिक्षण हाल में, सब्जियों की लोटनल पॉलीहाउस में नर्सरी उत्पादन तकनीकी विषय पर पांच दिवसीय व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. पी. सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को सब्जियों की उन्नत खेती के लिए प्रशिक्षित करना है, विशेष रूप से पॉलीहाउस में। यह कार्यक्रम किसानों को आधुनिक तकनीकों और कुशल तरीकों से सब्जियों की नर्सरी तैयार करने में मदद करेगा, जिससे उनकी उपज और आय में वृद्धि होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य ध्यान सब्जियों की लोटनल पॉलीहाउस में नर्सरी उत्पादन तकनीकी पर है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से परिचित कराना है, जिससे वे अपनी उपज और आय में सुधार कर सकें। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशांक सिंह ने बताया कि लोटनल पॉलीहाउस, एक नियंत्रित वातावरण प्रदान करते हैं जो सब्जियों की नर्सरी के लिए आदर्श है। यह किसानों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाने और स्वस्थ पौधों को उगाने में मदद करता है। लोटनल पॉलीहाउस, एक विशेष प्रकार का पॉलीहाउस है जो अधिक स्थान प्रदान करता है और पौधों को बेहतर ढंग से विकसित होने में मदद करता है। डॉ. सिंह ने बताया कि लोटनल पॉलीहाउस में नर्सरी उत्पादन तकनीकी एक आधुनिक और प्रभावी तरीका है, जिसका उपयोग करके किसान अधिक गुणवत्ता वाली और समय पर सब्जियों का उत्पादन कर सकते हैं। इसके साथ ही साथ किसान इस तकनीक के माध्यम न केवल सब्जियों की अगेती फसल ले सकते हैं, बल्कि प्रतिकूल मौसम में भी बेहतर गुणवत्ता वाली पौध तैयार कर सकते हैं। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ ए.के. सिंह ने बताया कि पॉलीहाउस में पूरे वर्ष फसल उगा सकते हैं। पॉलीहाउस में खेती से पानी और उर्वरकों का उपयोग कम होता है, जिससे पर्यावरण का संरक्षण होता है। मृदा वैज्ञानिक डॉ. दीपक प्रजापति ने किसानों को सब्जियों के लिए उपयुक्त मिट्टी तैयार करने एवं मृदा उपचार के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के मीडिया मिक्सचर को किस अनुपत में तैयार करें इस विषय पर जानकारी दी। पदप प्रजनन वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र प्रताप ने किसानों को विभिन्न प्रकार की सब्जियों और उनकी उपयुक्त किस्मों के साथ-साथ पौधों की देखभाल, सिंचाई, उर्वरक और कीट नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। केंद्र के कृषि अभियंत्रण वैज्ञानिक डॉ पंकज कुमार ने टपक सिंचाई एवं लो टनल के साथ साथ विभिन्न संरक्षित ढांचों के रखराखव के विषय में विषय में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम समन्वयक डॉ शशांक सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को पॉलीहाउस में सब्जियों की नर्सरी तैयार करने के लिए आवश्यक सभी जानकारी और कौशल प्रदान करेगा।
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