Breaking News
Home / ग़ाज़ीपुर / गाजीपुर: रूद्र अपने जन्‍मदिन पर 125 से ज्यादा दुर्लभ संस्कृत के मंत्र और श्लोकों का करेंगे पाठ

गाजीपुर: रूद्र अपने जन्‍मदिन पर 125 से ज्यादा दुर्लभ संस्कृत के मंत्र और श्लोकों का करेंगे पाठ

गाजीपुर। रूद्र अद्भुत प्रतिभा का धनी है जिसने संसकृत के दुर्लभ मंत्रों औ श्लो्को का जाप कर पूरे देश में गाजीपुर की पहचान बनाई है। इनके पिता का नाम रामेश्वर द्विवेदी और माता का नाम पूजा द्विवेदी है। गांव मैनपुर जिला गाजीपुर के निवासी हैं। रुद्र द्विवेदी के पैदा होने के 1 साल बाद ही उनके पिताजी को जो कि भारतीय नौसेना में मरीन कमांडो के पद पर कार्यरत थे उन्हें यह एहसास हो गया कि उनका पुत्र कोई साधारण बालक नहीं बल्कि दिव्य तेज से भरा हुआ है। क्योंकि 1 साल बाद ही उनका पुत्र जब भी उसके पिताजी संध्या करने जाते थे तो आकर उनके गोद में बैठ जाता था और जब तक संध्या खत्म नहीं हो जाती थी तब तक अपने पिता का साथ नहीं छोड़ता था। यद्यपि वह दिन भर अपनी मां के साथ रहता था परंतु संध्या करते समय अपने पिता की गोद कभी नहीं छोड़ता था। 30 अप्रैल 2023 को रुद्र के पिताजी मरीन कमांडो के पद से स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेने के बाद रुद्र के साथ अपना समय व्यतीत करने लगे और 3 जुलाई 2024 को रूद्र ने अपने 4th जन्मदिन पर अपने पिताजी को 33 मंत्र और श्लोक कंठस्थ करके सुनाया तथा यह भी वचन दिया कि वह अपने 5वें जन्मदिन पर 108 मंत्र और श्लोक को कंठस्थ कर शुद्ध-शुद्ध उच्चारण करेगा। आप लोगों को मैं बड़े हर्ष और उल्लास के साथ सूचित कर रहा हूं कि छोटे से बालक रूद्र द्विवेदी ने अपना पांचवा जन्मदिन आने से पहले ही 108 की बजाय 125 से ज्यादा मंत्र और श्लोकों को कंठस्थ कर लिया है। जिसका शुद्ध-शुद्ध पाठ बिना रुके-बिना अटके वह बालक प्रतिदिन करता है। आप लोगों को हम यह भी अवगत कराना चाहेंगे कि यह मंत्र और श्लोक जो रुद्र ने कंठस्थ किया है वह कोई साधारण मंत्र नहीं बल्कि सुबह आंख खुलने से लेकर, धरती माता पर पैर रखने से पहले पृथ्वी क्षमा प्रार्थना, स्नान करने जाते समय स्नान मंत्र, भोजन करने से पहले माता अन्नपूर्णा के प्रार्थना से लेकर शिव जी का महामृत्युंजय मंत्र, श्री रुद्राष्टकम-महादेव स्तुति-शिव स्तुति और शिव तांडव जैसे दुर्लभ श्लोक शामिल हैं, जो की रूद्र को कंठस्थ है। रूद्र के अद्भुत रिकॉर्ड को गिनीज बुक के अधिकारियों द्वारा भी सराहा गया है तथा गिनीज बुक में पहले से ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं होने के कारण रुद्र का नाम गिनीज बुक में दर्ज नहीं हो पाया, परंतु रूद्र ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है।क्योंकि 3 जुलाई को रुद्र का 5वाँ जन्मदिन है और इसी के उपलक्ष में कल दिनांक 2 जुलाई 2025 दिन बुधवार को रूद्र विद्यापीठ मैनपुर में दोपहर 2बजे एक विशेष कार्यक्रम रखा गया है जिसमें रूद्र अपने द्वारा याद किए गए 125 से ज्यादा दुर्लभ संस्कृत के मंत्र और श्लोकों का शुद्ध शुद्ध पाठ करेंगे।

[smartslider3 slider="4"]

About admin

Check Also

रिटायरमेंट के बाद गृह जनपद पहुंचे लेफ्टिनेंट रमेश चंद्र यादव का हुआ भव्य स्वागत

गाजीपुर। होली पर पुरा शहर रंगो मे सराबोर रहा तो वही दुसरी तरफ कारगिल युद्ध …